- लातूर का “ट्यूशन एरिया” बंद करना शिक्षा पर हमला या सरकार की नाकामी?
- मासूमों की चीखें और सत्ता की खामोशी-आखिर किसके संरक्षण में पल रहे हैं बलात्कारी?
- देश की राजनीति में घुसे “कॉकरोच” ने उड़ाई सत्ता की नींद
- कानून, “गौ-रक्षा” और बढ़ता भय: क्या मुसलमानों को निशाना बनाने का माध्यम बन चुका है पूरा तंत्र?
- क़ुरबानी से ‘मॉब लिंचिंग’ तक राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन गई गाय
- हिंदू युवा वाहिनी के बलात्कारी का फूल-मालाओं, नारों और जुलूस के साथ स्वागत
- क्या अब अदालतें संविधान से ज़्यादा “आस्था” से चलेंगी?
- नमाज़ पर बोलने वाली ज़बान कांवड़ यात्राओं, हथियारों के जुलूसों और डीजे के आतंक पर क्यों खामोश रहती है ?
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नई दिल्ली: एक नई सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में अनुसूचित जातियों के खिलाफअत्याचार के सभी मामलों में से लगभग 97.7% मामले 13 राज्यों से दर्ज किए गए, जिनमेंउत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऐसे अपराधों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई.द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति(अत्याचार निवारण)अधिनियम के तहत ताजा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जनजातियों(एसटी) के खिलाफ अत्याचारों का अधिकांश हिस्सा भी 13 राज्यों में केंद्रित था, जहां 2022 में सभीमामलों का 98.91% दर्ज किया गया.2022 में अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए कानून के तहत दर्ज 51,656 मामलों में से उत्तरप्रदेश…
नई दिल्ली:देश और दुनिया के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के 1,300 से अधिक छात्रों औरसंकाय सदस्यों ने बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) से 23 सितंबर कोआयोजित होने वाले ‘भारत-इजरायल व्यापार शिखर सम्मेलन‘ को ‘अनुचित’ बताते हुए इसे रद्दकरने का आह्वान किया है.रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम थिंक इंडिया, इंडियन चैंबर ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस औरमैसूर लांसर्स हेरिटेज फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है.आईआईएससी के निदेशक गोविंदन रंगराजन को संबोधित एक पत्र में हस्ताक्षरकर्ताओं ने इसशिखर सम्मेलन को अनुचित बताते हुए चिंता व्यक्त की कि इसका आयोजन गाजा में इज़रायलकी सैन्य कार्रवाइयों के लिए समर्थन का संकेत होगा, जो ‘नरसंहार’ और पड़ोसी…
कृष्ण प्रताप सिंह-अभी कोई डेढ़ दशक पहले तक अयोध्या में अवधी के एक बेहद लोकप्रिय कवि हुआ करते थेरफीक शादानी (1934-2010). संत कबीर की तरह फक्कड़ व मस्तमौला और उनकी ‘मसि-कागद छूयो नहीं, कलम गही नहिं हाथ’ की ‘परंपरा’ के अनूठे ध्वजवाहक. लिपियों कहें याअक्षरों से उनकी कोई जान पहचान नहीं थी. इसलिए अपनी कविताओं की पंक्तियों को मनही मन जोड़ते-गांठते और मश्क करते. इसलिए कई लोग उन्हें ‘निरक्षर भट्टाचार्य’ भी कहतेथे.एक बार आकाशवाणी से उनका काव्यपाठ हुआ और मानदेय का चेक देते वक्त संबंधितअधिकारी ने ‘रिसीविंग’ के सिलसिले में दस्तखत करने को कहा और जवाब में उन्होंने उसेबताया कि…
अखिल भारतीय व्यास संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर के कथावाचक, धर्माचार्य और संतशामिल हुए। रविवार को हुए इस अधिवेशन में यह कहा गया कि पथराव की घटनाओं सेनिपटने के लिए एक लाख धर्मयोद्धा तैयार किए जाएंगे। वहीं, यदि सरकार पथराव कीघटनाओं पर रोक नहीं लगाती, तो सड़क पर उतरने की बात कही गई। इस अधिवेशन मेंशामिल संतों और धर्माचार्यों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उसबयान पर निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसमें मठाधीश को माफिया कहा गया था।इस प्रस्ताव में देश में किसी भी आरोपी की संपत्ति को बुलडोजर कार्रवाई में रातों-रातजमींदोज करने की मांग…
17 सितंबर को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के धनकी गांव में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरानतनाव बढ़ गया, जब एक हिंदू समर्थक समूह के सदस्यों ने कथित तौर पर मुस्लिम घरों औरवाहनों में तोड़फोड़ की।यह हिंसा तब भड़की जब हिंदू समूहों ने दावा किया कि जुलूस के दौरान उनकी गणेश मूर्तिको नुकसान पहुंचाया गया था। इस आरोप के तहत 13 मुस्लिम व्यक्तियों को गिरफ्तार कियागया, जिनमें स्थानीय अंतर-धार्मिक शांति समिति के सम्मानित सदस्य 74 वर्षीय अजीज खानभी शामिल हैं।हिंसा के परिणामस्वरूप कई मुस्लिम घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और इलाके मेंवाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।द ऑब्जर्वर पोस्ट के…
हिमांशु कुमार-एक सप्ताह पहले गुरुवार, 5 सितंबर, 2024 को देवभूमि संघर्ष समिति के तहत लामबंद हुएहिंदुत्व समूहों ने हिमाचल प्रदेश के शिमला और संजौली के चौड़ा मैदान में बड़े पैमाने परविरोध प्रदर्शन किया और संजौली मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने और राज्य मेंआने वाले बाहरी लोगों के पंजीकरण के लिए दबाव बनाया। समिति ने बुधवार (11 सितंबर,2024) को संजौली बंद का आह्वान भी किया था। शिमला में संजौली मस्जिद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच स्थानीय मुस्लिम कल्याण समिति नेगुरुवार (12 सितंबर, 2024) को नगर आयुक्त से मस्जिद के अनधिकृत हिस्से को सील करने काआग्रह किया और “अदालत के आदेश…
गुजरात के कठलाल-बालासिनोर राजमार्ग पर रविवार को एक मामूली सड़क दुर्घटना के बादहिंसक सांप्रदायिक झड़पें हुईं। इस दौरान मुस्लिमों की दुकानों और एक स्थानीय ईदगाह मेंतोड़फोड़ की गई।यह घटना कथित तौर पर गोधरा के एक मुस्लिम व्यक्ति की कार और कठलाल के एक हिंदूकी मोटरसाइकिल के बीच टक्कर के बाद हुई। इसके बाद झड़प शुरू हो गई, जो हिंसक होगई।स्थानीय पत्रकार सहल कुरैशी के अनुसार, तनाव तब बढ़ गया जब घटनास्थल पर मौजूदखोखरवाड़ा गांव के कुछ मुस्लिम लड़कों ने बीच-बचाव करके स्थिति को शांत करने काप्रयास किया और स्थिति को बिगड़ता देख उन्होंने कार चालक को वहां से चले जाने…
नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में विभिन्न राज्य सरकारों के‘बुलडोज़र एक्शन’ पर रोक लगा दी है.रिपोर्ट के मुताबिक, बुलडोज़र से कथित आरोपियों की संपत्ति गिराए जाने के ख़िलाफ़ दायरयाचिकाओं की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 सितंबर) को कहा कि किसीव्यक्ति की संपत्ति को उसकी अनुमति के बिना सिर्फ इसलिए नहीं गिराया जाना चाहिएक्योंकि उस पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप है.जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने अंतरिम आदेश में कहा, ‘अगलीतारीख तक इस अदालत की अनुमति के बिना कोई भी तोड़फोड़ नहीं की जाएगी. हालांकि,सार्वजनिक सड़कों,…
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 19 से 24 वर्ष की उम्र के पांच मुस्लिम नौजवानों कोफिलिस्तीन के झंडे से मिलते-जुलते झंडे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को इस संबंध में शिकायत मिली थी किबिलासपुर के खुदीराम बोस चौक के करीब कुछ घरों पर फिलिस्तीनी झंडे लगे हुए हैं. इसकेबाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शेख समीर बकाश (20) फिदेल खान (24) मोहम्मदशोएब (23) शेख अजीम (19) और शेख समीर (22) को गिरफ्तार कर लिया.इस संबंध में एसपी पूजा कुमार ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने पांचों…
नई दिल्ली: लखनऊ की एक अदालत ने बुधवार (11 सितंबर) को अवैध धर्मांतरण मामले मेंपश्चिम उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी सहित 12 लोगोंको आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है. वहीं, चार अन्य को कई राज्यों में गैरकानूनी तरीकेसे हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित करने का सिंडिकेट चलाने का दोषी पाते हुए 10 साल कीजेल की सज़ा सुनाई गई है.मालूम हो कि प्रदेश में साल 2020-21 में गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ विवादास्पद कानूनआने के बाद सामूहिक धर्मांतरण को लेकर सज़ा का यह पहला बड़ा उदाहरण है.इस मामले में 16 व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन…