Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?

August 28, 2026

वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी

August 28, 2026

10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?

August 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?
  • वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी
  • 10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?
  • मोहन भागवत का विदेश दौरा और आरएसएस पर अंतरराष्ट्रीय सवाल
  • तीन आदिवासी बच्चियों की मौत और ‘विकास’ का दावा: जब बिस्तर तक न मिले तो कैसा विकास?
  • विदेशी चंदे के नाम पर नियंत्रण या नागरिक संस्थाओं पर नई शिकंजाकशी?
  • क्या पैगंबर मुहम्मद (स.) केवल मुसलमानों के हैं?
  • प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’: पत्रकारिता के मंच पर व्यक्तिपूजा का सवाल
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Friday, September 4
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»एलान विशेष

चंदा, ठेका और घोटाला – क्या ये है ‘नया भारत’ का विकास मॉडल?

adminBy adminMay 22, 2025 एलान विशेष No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

भाजपा को चुनावी बॉन्ड के ज़रिए 30 करोड़ रुपये का चंदा देने वाली एपको इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड अब भारत की सबसे बड़ी सरकारी स्टील कंपनी ‘सेल’ से जुड़े एक 400 करोड़ के घोटाले में आरोपी पाई गई है। यह मामला केवल आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि राजनीति, कॉरपोरेट और सरकारी तंत्र की आपसी मिलीभगत का घिनौना उदाहरण है, जो भारत के लोकतंत्र और सार्वजनिक संस्थानों की आत्मा को छलनी कर देता है। भ्रष्टाचार की नई परिभाषा: चंदा दो, मनचाही कृपा पाओ, जब से चुनावी बॉन्ड की प्रणाली शुरू हुई है, उसने भ्रष्टाचार को वैधानिकता का चोला पहना दिया है। कोई भी कंपनी सरकार को चंदा दे और फिर उसी सरकार से करोड़ों के ठेके हासिल कर ले – इसे अब भारत में सामान्य बात मान लिया गया है। एपको इंफ्राटेक की कहानी भी यही बताती है: 30 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को, फिर सरकारी ठेके पर ठेका, और अब सेल से हजारों टन स्टील बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर करोड़ों का मुनाफा। सवाल उठता है – क्या भाजपा को दिया गया चंदा महज़ ‘दान’ था? या यह एक राजनीतिक निवेश था, जिसका रिटर्न ठेके और ढील के रूप में मिलना तय था? सेल: सरकारी संपत्ति या निजी जेब में बदलती संस्था? सेल जैसी महारत्न कंपनी का इस्तेमाल, अब कुछ चहेते व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। एक नवगठित कंपनी VIPPL, जिसे एपको ने झूठे कागज़ात देकर प्रमाणित किया, उसी को एक झटके में लाखों टन स्टील दे दिया गया। VIPPL ने वह स्टील निर्माण कार्य में इस्तेमाल करने के बजाय खुले बाज़ार में ऊँचे दामों पर बेच दिया। क्या यह ‘व्यवसायिक निर्णय’ था या सुनियोजित लूट? CBI की FIR, लोकपाल की रिपोर्ट और  सीवीसी की जांच यही बताती है कि यह मिलीभगत का स्पष्ट मामला है, जिसमें सरकारी अफसरों ने या तो आंखें मूँद लीं, या आंखें मूंदने की कीमत वसूली। चुप है सरकार, मौन है मीडिया, सबसे बड़ा संकट यह है कि ऐसे गंभीर घोटालों पर मुख्यधारा की गोदी मीडिया खामोश रहती है। ना बहस होती है, ना ब्रेकिंग न्यूज़, ना संपादकीय क्रंदन। ऐसा क्यों? क्या इसलिए कि आरोपियों ने ‘राष्ट्रवादी पार्टी’ को चंदा दिया है? क्या इसलिए कि गोदी मीडिया की रीढ़ पहले ही सत्ता के दरवाज़े पर गिरवी रख दी गई है? राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं ऐसा अपराध, कोई कंपनी सिर्फ 8 दिन में रजिस्टर्ड हो और उसे सैकड़ों करोड़ का स्टील मिले, वह सरकार के किसी न किसी ‘आशीर्वाद’ के बिना संभव नहीं। और जब वही कंपनी भाजपा को चंदा भी देती हो, तो शक को जगह नहीं, सीधा सवाल उठता है – क्या यह संगठित लूट की सरकारी योजना है? यदि यह कांग्रेस शासित किसी राज्य में होता, तो भाजपा अब तक मोर्चा खोल देती, ईडी, सीबीआई और आईटी छापे टीवी पर लाइव होते। लेकिन जब सवाल सत्ता पक्ष से हो, तो संस्थाएं भी मौन हो जाती हैं। लोकतंत्र के लिए खतरा है यह चुप्पी, लोकतंत्र की खूबी होती है कि जनता सवाल करे और सत्ता जवाबदेह बने। लेकिन अब ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार भी राष्ट्रवाद के पर्दे में छिपा दिया गया है। जो सवाल उठाता है, वह देशद्रोही करार दिया जाता है, और जो सरकारी धन लूटता है, वह ‘विकास पुरुष’ बन जाता है। कौन लूट रहा है देश को, गद्दार कौन है? जब देश के संसाधनों पर इस तरह चंदा-दाता कंपनियाँ कब्जा करें, जब जनता की गाढ़ी कमाई से बनी कंपनियाँ भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाएं, और जब मीडिया और सरकार सब कुछ जानते हुए भी खामोश रहें – तो समझिए, यह सामान्य लूट नहीं है, यह लोकतंत्र पर हमला है। देश को तय करना होगा: हम उन पर शक करें जो वोट नहीं देते, या उन पर जो चंदा देकर सरकारी खज़ाना लूट लेते हैं?

apco bjp cbi corruption electrol stamp froud india scam sel steel trol
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?

10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?

मोहन भागवत का विदेश दौरा और आरएसएस पर अंतरराष्ट्रीय सवाल

विदेशी चंदे के नाम पर नियंत्रण या नागरिक संस्थाओं पर नई शिकंजाकशी?

प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’: पत्रकारिता के मंच पर व्यक्तिपूजा का सवाल

क्या एनसीईआरटी शिक्षा को बदल रही है या इतिहास और राजनीति की नई व्याख्या लिख रही है?

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?
  • वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी
  • 10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?
  • मोहन भागवत का विदेश दौरा और आरएसएस पर अंतरराष्ट्रीय सवाल
  • तीन आदिवासी बच्चियों की मौत और ‘विकास’ का दावा: जब बिस्तर तक न मिले तो कैसा विकास?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

📍 बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश गिरफ्तारी से पहले मीडिया 📍 बुलंदशहर, उत्तर प्रदेशगिरफ्तारी से पहले मीडिया को दिए इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा—“तुम ट्रम्प, नेतनयाहू, जितना को भी, अभी तो राहुल गांधी उतरा है ना। हम तो कह रहे हैं भारत के अंदर जितना विपक्ष नेता है, तुम जितना विपक्ष के सपोर्टर हैं, उन सारे लोग को लेकर ग्राउंड पे उतर जाओ, तो भी अगर मेरा बाल भी बांका कर दो तो मान जाएं। नहीं हो सकता सर, जलवा है हमारा।और जलवा ऐसे ही बना रहेगा, धर्मो रक्षति रक्षितः। जो धर्म की रक्षा करता है, उसका धर्म रक्षा करता है। जेल जाएंगे, फिर आएंगे, फिर कुछ बोलेगा, फिर इलाज हो जाएगा।#elaannews #breakingnews #indianews #swatantrabhardwaj #viralnews
Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Comment And Share Video.#elaannews #breakingnews #Latur #laturnews #sambhajipatilnilangekar
पंजाब में चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण पंजाब में चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 13 अगस्त 2026 को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि उनके नाम के सामने ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ दर्ज किया गया है।#elaannews #breakingnews #indianews #raghavchadha #punjabnews
Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Comment And Share Video#elaannews #breakingnews #Latur #laturnews #shiruranantpal
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility