Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

‘आम्ही लातूरकर नसतो कुठेच मागे’ इस कहावत को सच कर दिखाया मोटेगांवकर ने

May 22, 2026

नॉर्वे में पीएम मोदी से पूछा गया एक सवाल ऐतिहासिक क्यों बन गया?

May 22, 2026

न कोई गवाह, न कोई सबूत क्या तकनीकी और फॉरेंसिक जांच से तौसीफ़ रज़ा के क़ातिलों को ढूंढ पाएगी पुलिस ?

May 7, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • ‘आम्ही लातूरकर नसतो कुठेच मागे’ इस कहावत को सच कर दिखाया मोटेगांवकर ने
  • नॉर्वे में पीएम मोदी से पूछा गया एक सवाल ऐतिहासिक क्यों बन गया?
  • न कोई गवाह, न कोई सबूत क्या तकनीकी और फॉरेंसिक जांच से तौसीफ़ रज़ा के क़ातिलों को ढूंढ पाएगी पुलिस ?
  • क्या बंगाल चुनाव लोकतंत्र के खात्मे की आख़िरी चेतावनी है?
  • मासूमों से दरिंदगी पर कब जागेगा कानून, कब मिलेगी दरिंदों को सिर्फ फांसी?”
  • भारत की शिक्षा पर भगवा साया: अब समाजशास्त्र नहीं, “मोदीशास्त्र” पढ़ाया जाएगा!
  • मुसलमानों पे जुल्म पर मानवाधिकार आयोग की ख़ामोशी को लेकर हाईकोर्ट का करारा प्रहार 
  • नफरत फैलाओगे, तो कानून पकड़ेगा! सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक ने उड़ाई हेट स्पीच कारोबारियों की नींद
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Saturday, May 23
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»भारत

पहलगाम हमले के बाद भारत में फैली नफरत की सुनामी

adminBy adminMay 17, 2025 भारत No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया। लेकिन इस हमले का असर सिर्फ घाटी तक सीमित नहीं रहा। इसके ठीक बाद, देशभर में मुसलमानों और कश्मीरियों के खिलाफ़ नफरत, हिंसा और प्रतिशोध की आग भड़की — जो किसी स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया से ज़्यादा, एक संगठित नफरत के अभियान का हिस्सा प्रतीत होती है।

APCR (Association for Protection of Civil Rights) और ‘द ऑब्जर्वर पोस्ट’ द्वारा प्रकाशित ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद सिर्फ़ तीन हफ्तों के भीतर देश में 300 से ज़्यादा मुस्लिम विरोधी घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 100 से अधिक घटनाएं सीधे इस हमले से जुड़ी मानी जा रही हैं। रिपोर्ट बताती है कि शारीरिक हमलों की वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में सर्वाधिक हमले दर्ज किए गए, जबकि कर्नाटक, पंजाब और चंडीगढ़ में भी बड़ी घटनाएं सामने आईं।मोहम्मद गुलफाम, जिन्होंने अपने चचेरे भाई के साथ बिरयानी की दुकान खोली थी, को हमलावरों ने गोली मार दी। उनका चचेरा भाई घायल हुआ। कर्नाटक में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ मुस्लिम युवक, मोहम्मद अशरफ को, कथित तौर पर “पाकिस्तान समर्थक” नारे लगाने के आरोप में पीट-पीट कर मार डाला गया। जबकि वो नारा लगाए भी या नहीं, यह सवाल भी रह गया। इस हिंसा के पीछे सिर्फ़ भीड़ नहीं, बल्कि नेताओं की नफरत फैलाने वाली भाषणबाज़ी भी है: हिंदुत्ववादी नेताओं ने मुसलमानों के खिलाफ हथियार उठाने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर कश्मीरियों के बहिष्कार, मुस्लिम व्यापारों को बंद करवाने, और दारुल उलूम जैसे संस्थानों को खाली कराने की मांग उठी। एक नेता ने खुलेआम कश्मीर में “इज़रायल मॉडल” लागू करने की मांग की — यानी बस्तियाँ तोड़ना, बेकसूरों को बेघर करना और प्रतिशोध के नाम पर सामूहिक दंड देना।

हमले के बाद देशभर में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाया गया। कई छात्रों को उनके हॉस्टल और कॉलेज छोड़ने पर मजबूर किया गया, धमकियाँ दी गईं और उन पर शारीरिक हमले किए गए। दक्षिण कश्मीर में 9 घरों को बिना कानूनी प्रक्रिया के तोड़ा गया। इनमें से कुछ घरों के मालिक सालों पहले वहाँ से जा चुके थे, लेकिन उनके बुजुर्ग माता-पिता को बेघर कर दिया गया। यह कार्रवाई सीधे सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों की अवहेलना है।

India Hate Lab की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के बाद से 98.5% नफरत भरे अपराध मुसलमानों के खिलाफ थे। इनमें से ज़्यादातर घटनाएं उन्हीं राज्यों में हुईं जहाँ भाजपा की सरकारें हैं। अलीगढ़ में मुस्लिम फलों की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। मुंबई में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों पर हमला किया। गाजियाबाद में मजदूरों को काम से निकाला गया, गांवों में घुसने से रोका गया और उन पर हमला किया गया।

इस पूरे सिलसिले में एक सवाल बार-बार उठता है — सरकार और मीडिया की भूमिका क्या है? जब एक महिला के साथ दुर्व्यवहार होता है और पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं करती, जब नफरत फैलाने वाले भाषण खुलेआम वायरल होते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती — तो यह लोकतंत्र नहीं, एक बहुसंख्यकवादी शासन का संकेत है। यह स्पष्ट है कि पहलगाम हमला एक बहाना बन गया, एक पहले से मौजूद नफरत को खुलकर सामने लाने के लिए। यह ‘आतंकवाद के खिलाफ़ गुस्सा’ नहीं है, बल्कि एक धार्मिक समुदाय को सामूहिक रूप से सज़ा देने की नीति है। अगर इस पर रोक नहीं लगी, तो यह नफरत केवल अल्पसंख्यकों को ही नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और बहुलवाद की आत्मा को भी चीर देगी।

bjp hindutwwadi india kashmir moblinching modi muslim pahelgam pakistan report war
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

नॉर्वे में पीएम मोदी से पूछा गया एक सवाल ऐतिहासिक क्यों बन गया?

न कोई गवाह, न कोई सबूत क्या तकनीकी और फॉरेंसिक जांच से तौसीफ़ रज़ा के क़ातिलों को ढूंढ पाएगी पुलिस ?

मुसलमानों पे जुल्म पर मानवाधिकार आयोग की ख़ामोशी को लेकर हाईकोर्ट का करारा प्रहार 

नफरत फैलाओगे, तो कानून पकड़ेगा! सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक ने उड़ाई हेट स्पीच कारोबारियों की नींद

धर्म के नाम पर सड़क जाम? सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक—आस्था निजी है, अराजकता नहीं!

पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर आंसू, भारत के अल्पसंख्यकों पर खामोशी? विहिप के दोहरे चेहरे का सच!

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • ‘आम्ही लातूरकर नसतो कुठेच मागे’ इस कहावत को सच कर दिखाया मोटेगांवकर ने
  • नॉर्वे में पीएम मोदी से पूछा गया एक सवाल ऐतिहासिक क्यों बन गया?
  • न कोई गवाह, न कोई सबूत क्या तकनीकी और फॉरेंसिक जांच से तौसीफ़ रज़ा के क़ातिलों को ढूंढ पाएगी पुलिस ?
  • क्या बंगाल चुनाव लोकतंत्र के खात्मे की आख़िरी चेतावनी है?
  • मासूमों से दरिंदगी पर कब जागेगा कानून, कब मिलेगी दरिंदों को सिर्फ फांसी?”
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility