Author: admin

2024-2025 के बीच पश्चिम एशिया में जो कुछ घटा, उसने मध्य-पूर्व की पूरी भूराजनीति को झकझोर कर रख दिया। एक ओर था इज़राइल — जो दशकों से फ़िलिस्तीनियों पर कहर बरपा रहा है, और दूसरी ओर सामने आया ईरान — एक संगठित, ताक़तवर और विचारधारा से लैस क्षेत्रीय शक्ति जिसने पहली बार इज़राइल पर सीधे मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अब सवाल ये है —क्या ग़ज़ा को बर्बाद करने वाला इज़राइल अब खुद उसी तबाही का सामना कर रहा है? क्या इज़राइल अब भुगत रहा है वही जो उसने ग़ज़ा में किया? इज़राइल ने अक्टूबर 2023 से ग़ज़ा में जो…

Read More

क्या देश का ‘जन-धन’ अब केवल ‘मित्र-धन’ बन गया है? जब एक आम नागरिक हर महीने अपनी गाढ़ी कमाई से बीमा प्रीमियम भरता है, तो उसे यकीन होता है कि वह पैसा उसके भविष्य की गारंटी बनेगा—बुढ़ापे की राहत, किसी संकट में सुरक्षा। लेकिन मोदी सरकार में यही पैसा अब कुछ खास उद्योगपतियों के फायदे का ज़रिया बन गया है। ताज़ा मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और अडानी पोर्ट्स का है। एलआईसी ने अडानी पोर्ट्स को 15 साल की अवधि के लिए 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है—वो भी खुले बाज़ार से बाहर, निजी तौर पर! यानी इस…

Read More

“लातूर का ट्रैफिक… रोज़ की सिरदर्दी बन चुका है। कहीं जाम, कहीं धक्का मुक्की, और कहीं पुलिस की सीटी। लेकिन सवाल ये है – ज़िम्मेदार कौन है?” “पिछले दस-पंद्रह सालों में लातूर की आबादी लगभग दोगुनी हो गई है। प्रॉपर्टी के रेट आसमान छू रहे हैं। शहर में पैसे की कोई कमी नहीं – मनपा की आमदनी भी दोगुनी हो चुकी है। लेकिन सड़कों पर क्या बदला? ट्रैफिक वही का वही… या कहें और भी बुरा।””सिग्नल गायब…कैमरे बंद…और ट्रैफिक पुलिस? जहाँ दिखती है, वहाँ सिर्फ चालान और वसूली करते हुए – कभी रिंग रोड पे, कभी हाइवे पे। ये चेकिंग…

Read More

भारत के संविधान में हर नागरिक को अपने जीवनसाथी के चुनाव की स्वतंत्रता है। लेकिन जब एक मुसलमान युवक किसी हिंदू युवती से शादी करता है, तो यह आज़ादी सज़ा बन जाती है। जेल, फर्जी एफआईआर, धमकियाँ और साम्प्रदायिक उन्माद उसका स्वागत करते हैं। जबकि वही काम अगर कोई हिंदू युवक करे—चाहे सार्वजनिक मंच से मुस्लिम लड़कियों को शादी के लिए उकसाए—तो न उसे जेल होती है, न समाज का बहिष्कार, न प्रशासन का शिकंजा। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने इस भेदभावपूर्ण रवैये को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मुसलमान होकर हिंदू लड़की से शादी की? चलो पहले…

Read More

जब एक देश शैक्षणिक किताबों से डरने लगे, और मस्जिद की अज़ान से घबराने लगे – समझ लीजिए वह सिर्फ एक ज़ायोनी हुकूमत नहीं, एक मानवता-विरोधी विचारधारा बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र की ललकार और इज़रायल की बेशर्मी:- संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की ताज़ा रिपोर्ट ने वो सब उजागर कर दिया है जिसे ज़मीन पर हर फिलिस्तीनी बच्चा, हर माँ और हर ज़ख्मी शिक्षक रोज़ जी रहा है इज़रायल सिर्फ लड़ाई नहीं लड़ रहा, वो एक पूरी क़ौम को ‘मिटाने’ का अभियान चला रहा है। इस रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा…

Read More

ऋतांश आज़ाद- आज जब हम कबीर जयंती मना रहे हैं तो हमारा देश एक बेहद अंधेरे और खतरनाक दौर से गुज़र रहा है. पिछले 11 सालों में जबसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा/आरएसएस केंद्र की सत्ता पर काबिज़ हुई है, इनकी नीतियों के चलते समाज में सांप्रदायिकता लगातार उफान पर है. असल में सिर्फ सांप्रदायिकता ही नहीं जातिवाद और पाखंडवाद में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसीलिए आज कबीर जयंती पर इस लेख के माध्यम से यही प्रयास है कि पंद्रहवी शताब्दी के इस कवि, दार्शनिक व समाज सुधारक संत के विचारों के ज़रिये आज के…

Read More

भाजपा राज में ‘जांच’ अब सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका बन चुकी है — चाहे वो जज हों, अफसर हों, नेता हों या फिर आतंकी हमले। 1. जस्टिस शेखर यादव मामला: नफ़रत फैलाओ, जज बने रहो:- इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज शेखर यादव ने खुलेआम विश्व हिंदू परिषद के मंच से मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर उगला — “भारत बहुसंख्यकों की मर्ज़ी से चलेगा”, “चार शादी, तीन तलाक़ देश के लिए ख़तरा हैं” और ‘कठमुल्ला’ जैसी घृणित शब्दावली का इस्तेमाल किय। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने आंतरिक जांच की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन…

Read More

देश को हिला देने वाली ख़बर! लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गई है! फ्लाइट नंबर AI-171, जिसमें 242 लोग सवार थे — अब वो एक दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई है! दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरने के तुरंत बाद ही अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में तेज़ धमाके के साथ यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया! मौके पर चीख-पुकार मच गई… ज़मीन पर तबाही, आसमान में धुआं… कई लोग घायल, मौतों की आशंका — लेकिन प्रशासन अब तक आंकड़े छिपा रहा है! विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई…

Read More

राम पुनियानी- पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भारत की जनता पर गहरा असर हुआ है. जहां प्रधानमंत्री मोदी डींगे हांकते रहे और गोदी मीडिया दावा करता रहा कि भारतीय सेनाएं पाकिस्तान में घुस गई हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने भारत के कई विमानों को मार गिराने का दावा किया. संघर्ष विराम की घोषणा सबसे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने की और कहा कि यह उनकी मध्यस्थता से संभव हुआ है. वहीं मोदी ने दावा किया कि इसका श्रेय उन्हें जाता है और सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने संघर्ष विराम का अनुरोध किया था जिसे भारत…

Read More

सुकन्या शांता- 19 साल बीत गए। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार धमाकों में 189 लोग मारे गए और 800 से ज्यादा घायल हुए। इसके तुरंत बाद एक के बाद एक मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारियाँ शुरू हुईं। इनमें से कुछ को अदालत ने दोषी माना, लेकिन कई सालों बाद अब्दुल वाहिद शेख जैसे लोग अदालत से पूरी तरह बरी हुए। लेकिन क्या इससे उनकी ज़िंदगी फिर से सामान्य हो पाई? नहीं! क्योंकि भारत की पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए “बरी होना” गुनहगार से अलग होने का सबूत नहीं है — खासकर जब आप मुसलमान…

Read More