आज से 24 वर्ष पूर्व यानी सन 2000 को लातूर शहर से अल्पसंख्यांकों में सामाजिक, शैक्षणिकऔर
राजनीतिक क्रांति लाने तथा उनमें अपने अधिकारों के प्रति जागृति निर्माण करने और उनकी समस्याओं
को सुलझाने के उद्देश्य को लेकर ‘अमन कमेटी ‘ के मार्गदर्शन में साप्ताहिक एलान हिंदी अखबार शुरू
किया गया था जिसमे कुछ हद तक कामियाबी भी मिली लेकिन उस समय देश के हालात इतने नाजुक
नहीं थे जितने कि आज नजर आ रहे हैं। 2014 के बाद जब से भाजपा की मोदी सरकार सत्ता में आयी
है देश के मीडिया का स्वरूप ही बदल गया, जिस मीडिया को देश का चौथा स्तंभ कहा जाता था आज
उसी मीडिया को गोदी मीडिया के नाम से जाना जा रहा है। 24 घंटे गोदी मीडिया पर ऐसी खबरें
दिखाई जा रही हैं जिससे देश में नफरत का माहौल गर्म रहे। हर खबर को हिंदू-मुस्लिम बनाने और
दिखाने की कोशिश की जा रही है। कुछ ही यानी गिने चुने मीडिया संस्थान हैं जो पत्रकारिता का सही
हक अदा कर रहे हैं, जिसे आप और हम आज़ाद मीडिया कह सकते हैं, वरना सभी मीडिया संस्थान
आज या तो कॉरपोरेट घरानों द्वारा चलाए जा रहे हैं या पारिवारिक विरासत बन चुके हैं। लिहाजा इन
हालात में आजाद और निष्पक्ष मीडिया की जिम्मेदारियां अधिक बढ़ गई हैं, सच्ची और निष्पक्ष खबरें
जनता तक पहुंचाना आज वक्त का अहम तकाजा है, इसी को मद्दे नजर रखते हुए हमने भी यह इरादा
कर लिया है कि इस न्यूज़ वेब पोर्टल के जरिए हर रोज हम आप तक सच्ची और निष्पक्ष खबरों को
पहुंचाने की ईमानदाराना कोशिश करेंगे, इसलिए हमारी आपसे गुजारिश है कि इस निष्पक्ष और
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संपादक सय्यद मोईनुद्दीन बड़ेसाब
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