मराठवाड़ा विशेषकर लातूर में पिछले एक हफ्ते से मानो आसमान ही टूट पड़ा हो! दिन हो या रात… हर वक्त काले बादल, गरजती बिजली, और मूसलधार बारिश ने कुछ जिलों को हिला कर रख दिया है!” इस दौरान कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया है, फसलें बर्बाद हो गई हैं, और अफ़सोस की बात है कि कुछ जगहों पर लोगों और मवेशियों की जान भी गई है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ लातूर ज़िले में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हुई है और 9 मवेशी मारे गए हैं। उस्मानाबाद और बीड़ ज़िलों के कई गांवों में खेत डूब चुके हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।ऐसे हालात में ज़रूरी है कि हम सब सतर्क रहें – खुद को सुरक्षित रखें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। मांजरा, तेरणा और तावरजा नदियों के पनालोट क्षेत्र में तेज़ बारिश के चलते यह आशंका है कि बांध जल्द ही भर सकते हैं। अगर बारिश की यही रफ़्तार रही, तो कोल्हापुरी पद्धति के बंधारे और बड़े डैम निर्धारित जलस्तर तक भर जाएंगे। ऐसे में अतिरिक्त पानी नदियों के माध्यम से छोड़ा जाएगा – जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का ख़तरा है। इसलिए नदी किनारे रहने वाले किसान और नागरिकों से अपील है कि वे नदी के किनारे न जाएं, बिला ज़रूरत आवाजाही से बचें और पूरी सावधानी बरतें। इसी के साथ बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन ने ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। यह ऐप आपको 15 मिनट पहले बता देता है कि आपके आसपास बिजली गिरने की संभावना है। याद रखें – बिजली चमक रही हो तो पेड़, पानी या धातु की चीज़ों के पास न जाएं। घर में दरवाज़े-खिड़कियां बंद रखें और इलेक्ट्रिक उपकरण बंद करें।अगर खेत में हों तो नीचे बैठ जाएं, जमीन से कम से कम संपर्क रखें। बिजली की भनक लगे – जैसे बाल खड़े हो जाएं या झनझनाहट महसूस हो – तो तुरंत जमीन पर लेट जाएं। और विशेषकर खुले में शादी, रिशेप्शन और किसी भी तरह के प्रोग्राम न करें। ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करें। नदी के किनारे न जाएं। और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। याद रखें – सतर्कता ही सुरक्षा है।
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