आज लातूर में हुई ज़ोरदार बारिश से शहर की सड़कें नदियां बन चुकी थी, इन सड़कों के नदियां बनाने में लातूर शहर महानगर पालिका की भी बहुत अहेम भूमिका है, रास्तों पे कचरों के ढेर पढ़े हुए रहते हैं, जो बारिश के पानी के साथ बहेकर नालियों में चला जाता है जिसकी वजह से नालियां जाम होती हैं, बाज़ सड़कों पे तो जहां बड़ीं नालियां हैं वहां महानगर पालिका ने JCB से नालियों का कचरा निकाला ज़रूर था लेकिन वक़्त पे उस कचरे को न उठाने के कारन फिर से वो कूड़ा करकट नालियों में चला गया जिसकी वजह से शहर की नालियां जाम होकर बारिश के साथ साथ नालियों का गन्दा पानी भी रास्तों पर आ गया और सड़कें नाले के गंदे पानी वाली नदियां बन गई। और ये पानी कई घरों और दुकानों में भी घुस गया, जिससे लोगों को कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ा, वहीँ लातूर से गंगापुर जाने वाले रस्ते पर एक पुल बह बह गया, आने वाले समय में और भी बारिश के आने की संभावना बानी हुई है लिहाज़ा लातूर वासियों को हर तरह से सतर्क रहने की ज़रूरत है।
Trending
- अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?
- गुजरात में “कट्टरतावाद विरोधी पथक”की स्थापना…
- मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं- सुप्रीम कोर्ट
- बिना नेम प्लेट और नंबर वाले ये लोग कौन हैं? पुलिस की वर्दी में छिपे चेहरों का सच सामने आना चाहिए
- सवाल एक अनशन का नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का है
- ग़ैरों पे करम-अपनों पे सितम? पाकिस्तान को नसीहत देने से पहले भारत को भी आईना देखने की ज़रूरत
- जब जज का नाम इंसाफ़ से बड़ा बना दिया जाए, तो समझ लीजिए संविधान कठघरे में खड़ा है
- मतदाता सूची या लोकतंत्र की सूची? चुनाव आयोग पर उठते सवालों का जवाब अब जरूरी है