- वक्फ की ज़मीन पर कब्ज़ा अब आसान नहीं! लातूर में भूमाफियाओं को वक्फ बोर्ड की खुली चेतावनी
- अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?
- गुजरात में “कट्टरतावाद विरोधी पथक”की स्थापना…
- मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं- सुप्रीम कोर्ट
- बिना नेम प्लेट और नंबर वाले ये लोग कौन हैं? पुलिस की वर्दी में छिपे चेहरों का सच सामने आना चाहिए
- सवाल एक अनशन का नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का है
- ग़ैरों पे करम-अपनों पे सितम? पाकिस्तान को नसीहत देने से पहले भारत को भी आईना देखने की ज़रूरत
- जब जज का नाम इंसाफ़ से बड़ा बना दिया जाए, तो समझ लीजिए संविधान कठघरे में खड़ा है
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image source : shutterstock.com राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल 2025 बिल पारित होने की बड़ी खबर जयपुर से बड़ी ख़बर — राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल 2025. राजस्थान विधानसभा में पारित “अवैध धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2025” ने पूरे राज्य में तूफ़ान खड़ा कर दिया है। कई सामाजिक और नागरिक संगठनों ने इसे “दमनकारी, असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी” बताते हुए राज्यपाल से गुहार लगाई है कि वे इस पर हस्ताक्षर न करें। अपील है कि इसे अनुच्छेद 200 के तहत राष्ट्रपति के पास भेजा जाए। राष्ट्रपति की भूमिका और मुख्य सवाल असल सवाल यही है — क्या राष्ट्रपति इस राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल…
#ILoveMuhammad Protest: मौलाना तौकीर रज़ा गिरफ़्तार, पुलिस की कार्रवाई पर विवाद उत्तर प्रदेश के बरेली और सहारनपुर में माहौल तनावपूर्ण आज उत्तर प्रदेश के बरेली और सहारनपुर – दोनों शहरों में माहौल तनावपूर्ण रहा। वजह थी – #iLoveMuhammad ﷺ आंदोलन। I Love Muhammad Protest के दौरान मौलाना तौकीर रज़ा का आह्वान और प्रदर्शन बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा खान के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो कर प्रशासन को ज्ञापन देने जा रहे थे।लेकिन यूपी पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और हालात बिगड़ गए। बरेली में लाठीचार्ज और गिरफ़्तारी बरेली में कई स्थानों पर लाठीचार्ज…
गुजरात का शांत इलाका गांधीनगर ज़िला—जहां नवरात्रि की तैयारियों की रौनक होनी चाहिए थी, वहां बुधवार देर रात (24 सितंबर) पत्थरबाज़ी, आगज़नी और तनाव का मंजर छा गया। वजह? सिर्फ एक वॉट्सऐप स्टेटस—“I Love Muhammad” बनाम “I Love Mahadev”। देहगाम तालुका के बहियाल गांव की गलियों में देर रात 11 बजे से 200 से ज़्यादा लोग आमने-सामने आ गए। “स्टेटस वॉर” ने देखते ही देखते वास्तविक युद्ध का रूप ले लिया। दुकानों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया, पत्थरबाज़ी से पूरा गांव रणक्षेत्र में बदल गया। पुलिस ने 70 लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन तनाव…
नई दिल्ली – अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आए पाँच साल बीत चुके हैं। राम मंदिर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है और 2024 में उसका उद्घाटन भी हो चुका। लेकिन अब, देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने न केवल पुराने घावों को कुरेदा है बल्कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यूज़लॉन्ड्री को दिए गए एक इंटरव्यू में चंद्रचूड़ ने कहा –“बाबरी मस्जिद का निर्माण ही एक मूलभूत अपवित्रीकरण (desecration) था।” यह कथन सीधे-सीधे 2019 के उसी सर्वसम्मत फैसले के विपरीत है, जिसका…
सूरत के न्यू सिविल अस्पताल परिसर में 22 सितंबर को जो हुआ, उसने पूरे गुजरात की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि आसाराम बापू के अनुयायियों ने अस्पताल परिसर में उसकी तस्वीर रखकर पूजा और आरती की। न केवल फूल-माला चढ़ाई गई, बल्कि भजन और मंत्रोच्चार के बीच “आशीर्वाद” बांटने का तमाशा भी किया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह सब सिर्फ भक्तों ने ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में हुआ। प्रशासन का गोलमोल जवाब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अनुयायियों…
image source : nayaindia.comदेश के कई हिस्सों से मिल रही रिपोर्ट्स और गवाह बयानों के बाद अब यह बात किसी अफ़वाह की तरह नहीं टाली जा सकती—मतदाता सूचियों में व्यवस्थित छेड़छाड़ और उसके बाद जाँच को रोकने की सूचनाएं एक डरावनी तस्वीर उकेर रही हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक की ये घटनाएँ अब केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रव्यापी खतरों की ओर इशारा करती हैं।🛑 शॉकिंग सबूत: तीन प्रमुख घटनाएँस्थानअनियमितता का स्वरूपप्रशासन/एजेंसी की प्रतिक्रियातुलजापुर (महाराष्ट्र)सार्वजनिक पठन में 6,000 से अधिक फर्जी ऑनलाइन आवेदन पकड़े गए।FIR दर्ज हुई, पर 40 संदिग्धों की पूछताछ तक नहीं हुई; मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।पनवेल-उरण…
कल्पना कीजिए कि लोग शहर की सड़कों पर धीरे-धीरे चल रहे हैं, अपने दिल की भावनाओं को व्यक्त करते हुए। हाल ही में महाराष्ट्र के लातूर में ऐसा ही हुआ। यह शांतिपूर्ण मार्च लोगों का ध्यान खींच गया और धर्म, अधिकारों और कानून के असली मायने पर चर्चा छेड़ दी।कार्यक्रम की शुरुआत टीपू सुलतान चौक से हुई, जो इतिहास से भरा एक स्थल है। वहाँ से लोग गंज गोलाई और गांधी चौक होते हुए अंबेडकर पार्क पहुँचे, जहाँ खुले आसमान के नीचे वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। कोई गुस्से की आवाज़ नहीं, सिर्फ़ लगातार कदम उनके प्रिय उद्देश्य के…
ख़ामोश एनआरसी या वोट चोरी की नई चाल? देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल; निर्वाचन आयोग ने देशभर के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को 30 सितंबर तक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सतही तौर पर यह कदम महज़ मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने की कवायद दिखता है, लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक और संवैधानिक सवाल कहीं ज़्यादा गहरे हैं। क्या वाक़ई सिर्फ़ मतदाता सूची की सफ़ाई? चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पहले बिहार में शुरू हुई और अब पूरे देश में लागू की जाएगी। लेकिन विपक्षी…
ब्रिटेन ने आखिरकार वह ऐतिहासिक कदम उठा लिया, जिसे दशकों से टाला जा रहा था। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने घोषणा की कि यूनाइटेड किंगडम अब आधिकारिक रूप से फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देता है। यह फ़ैसला ऐसे समय पर आया है जब ग़ज़ा में इज़रायली बमबारी और पश्चिमी तट पर बस्ती निर्माण ने दो-राज्य समाधान की उम्मीद को लगभग ख़त्म कर दिया था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है: क्या यह मान्यता वास्तव में फ़िलिस्तीनियों के लिए नई सुबह साबित होगी या सिर्फ़ एक कूटनीतिक औपचारिकता? और इस कदम से इज़राइल, अमेरिका और अरब देशों की राजनीति में क्या भूचाल आएगा?…
आख़िर कब थमेगा यह सिलसिला? भीलवाड़ा में मध्य प्रदेश के युवक की पीट-पीटकर हत्या, आरोपियों ने पैसे और रसीदें भी छीनीं; परिवार का सवाल — मुसलमान होने की सज़ा क्यों? भीलवाड़ा (राजस्थान) — राजस्थान का भीलवाड़ा ज़िला एक बार फिर ख़बरों में है। यहाँ 15 और 16 सितम्बर की दरमियानी रात 35 वर्षीय आसिफ़ बाबू मुल्तानी की संदिग्ध ‘गो-तस्करी’ के शक़ में निर्मम पिटाई कर हत्या कर दी गई। मृतक मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर का रहने वाला था और अपने चचेरे भाई मोहसिन के साथ पशु हाट से खेती व घरेलू इस्तेमाल के लिए बैल और भैंस…