- 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
- सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
- स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
- सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
- सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
- मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?
- निशाने पर पत्रकार: डिजिटल सेंसरशिप, सत्ता और सवालों से डरती व्यवस्था
- रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ
Author: admin
ब्रिटेन ने आखिरकार वह ऐतिहासिक कदम उठा लिया, जिसे दशकों से टाला जा रहा था। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने घोषणा की कि यूनाइटेड किंगडम अब आधिकारिक रूप से फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देता है। यह फ़ैसला ऐसे समय पर आया है जब ग़ज़ा में इज़रायली बमबारी और पश्चिमी तट पर बस्ती निर्माण ने दो-राज्य समाधान की उम्मीद को लगभग ख़त्म कर दिया था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है: क्या यह मान्यता वास्तव में फ़िलिस्तीनियों के लिए नई सुबह साबित होगी या सिर्फ़ एक कूटनीतिक औपचारिकता? और इस कदम से इज़राइल, अमेरिका और अरब देशों की राजनीति में क्या भूचाल आएगा?…
आख़िर कब थमेगा यह सिलसिला? भीलवाड़ा में मध्य प्रदेश के युवक की पीट-पीटकर हत्या, आरोपियों ने पैसे और रसीदें भी छीनीं; परिवार का सवाल — मुसलमान होने की सज़ा क्यों? भीलवाड़ा (राजस्थान) — राजस्थान का भीलवाड़ा ज़िला एक बार फिर ख़बरों में है। यहाँ 15 और 16 सितम्बर की दरमियानी रात 35 वर्षीय आसिफ़ बाबू मुल्तानी की संदिग्ध ‘गो-तस्करी’ के शक़ में निर्मम पिटाई कर हत्या कर दी गई। मृतक मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर का रहने वाला था और अपने चचेरे भाई मोहसिन के साथ पशु हाट से खेती व घरेलू इस्तेमाल के लिए बैल और भैंस…
Latur Mein Bhavya Morcha | I Love Mohammed Ki Goonj 2025 #ilovemohammad कल्पना कीजिए कि लोग शहर की सड़कों पर धीरे-धीरे चल रहे हैं, अपने दिल की बातें उद्घाटित करते हुए। हाल ही में महाराष्ट्र के लातूर में भी ऐसा ही हुआ। यह शांतिपूर्ण मार्च लोगों का ध्यान खींच गया और धर्म, अधिकारों और कानून के असली मायने पर चर्चा छेड़ दी।कार्यक्रम की शुरुआत टीपू सुलतान चौक से हुई, जो इतिहास से भरा एक स्थल है। वहाँ से लोग गंज गोलाई और गांधी चौक होते हुए अंबेडकर पार्क पहुँचे, जहाँ खुले आसमान के नीचे वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।…
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुआ रक्षा समझौता पूरे दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व की राजनीति में भूचाल ला सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने तो साफ़ दावा कर दिया है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो सऊदी अरब पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा। यह बयान सिर्फ़ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि आने वाले समय में एशिया की सामरिक तस्वीर बदलने का संकेत है। सऊदी अरब का असली मक़सद:- सवाल उठता है कि आखिर सऊदी अरब, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, क्यों पाकिस्तान के साथ…
भारत के लोकतंत्र की रीढ़ अगर वोट है तो मतदाता सूची उसकी धड़कन है। लेकिन जब इस सूची से ग़ैर-क़ानूनी ढंग से नाम काटने के आरोप लगें, तो यह केवल चुनावी गड़बड़ी नहीं बल्कि सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला है। कर्नाटक में बड़ा कदम: एसआईटी गठित:- कर्नाटक सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए पूरे राज्य स्तर पर जाँच का आदेश दिया है। एडीजीपी बी.के. सिंह को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। वही बी.के. सिंह जिन्होंने गौरी लंकेश हत्या और प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार जैसे हाई-प्रोफ़ाइल मामलों की पड़ताल की थी। टीम को पूरे राज्य में मतदाता सूची से…
नई दिल्ली से एक चौंकाने वाली ख़बर आई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के पाँच बड़े हिंदी न्यूज़ चैनलों – टीवी9 भारतवर्ष, आजतक, एबीपी न्यूज़, ज़ी न्यूज़ और टीवी18 – यानी गोदी मीडिया को नोटिस भेजा है। आरोप यह है कि ये चैनल अपनी ख़बरों और चर्चाओं में लगभग तीस प्रतिशत उर्दू शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटिस का आधार – “तशरीफ़ रखिए” और “सैलाब”:- शिकायत महाराष्ट्र के ठाणे निवासी एस.के. श्रीवास्तव ने दर्ज की। उसका कहना है कि जब हिंदी चैनल उर्दू शब्द जैसे “तशरीफ़ रखिए” या “सैलाब” कहते हैं तो हिंदी भाषियों को दिक़्क़त होती…
भारत की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल अब यही है – क्या लोकतंत्र की जड़ें वोट चोरी से हिल रही हैं? राहुल गांधी ने 18 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो खुलासे किए, उसने पूरे देश को हिला दिया। 44 मिनट की इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) पर सीधा हमला बोला और कहा –“यह सिर्फ़ इंसानी अपराध नहीं है, बल्कि एक केंद्रीकृत अपराधी ऑपरेशन है… चुनाव चुराने का संगठित षड्यंत्र।” पाँच रुपये की चोरी नहीं, लाखों वोटों की डकैती!:- राहुल गांधी ने कर्नाटक के आलंद विधानसभा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 6,018 वोट गायब कर दिए…
बिहार के जहानाबाद से आई ये ख़बर किसी को भी झकझोर देने के लिए काफ़ी है। सोचिए, चार दशकों से मेहनत-मज़दूरी करके अपने आठ बच्चों का पेट पालने वाला एक बुज़ुर्ग सब्ज़ीवाला, सिर्फ़ पाँच रुपये के लिए बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। 60 साल के मोहम्मद मोहसिन, जो रोज़ तीन किलोमीटर पैदल चलकर काको बाज़ार पहुँचते थे और सब्ज़ी बेचकर घर का ख़र्च चलाते थे, उनका कसूर बस इतना था कि उन्होंने उस दिन टोल कलेक्टर को पूरे 20 रुपये की बजाय 15 रुपये दिए और कहा कि 5 रुपये बाद में दे देंगे। लेकिन इस मामूली…
महाराष्ट्र सरकार ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक तीन महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई थीं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का लाभ पहुँचाना था। यहाँ उन तीन योजनाओं का विवरण दिया गया है: 1. नमो नेत्र संजीवनी आरोग्य अभियान (Namo Netra Sanjeevani Arogya Abhiyan) यह अभियान महाराष्ट्र में लाखों लोगों को मुफ्त आँखों के इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया था। 2. स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान (Swasth Nari, Sashakt Parivar Abhiyan) यह एक विशेष स्वास्थ्य अभियान था जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित था, जिसमें…
image source: freepik.com धर्मांतरण कानून: सुप्रीम कोर्ट में इस समय एक बेहद संवेदनशील सवाल गूंज रहा है—“धर्मांतरण धोखाधड़ी है या नहीं, यह फैसला कौन करेगा?” यह प्रश्न केवल कानूनी बहस नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता के भविष्य को तय करने वाला है। अदालत का सीधा सवाल:- मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने साफ कहा कि अदालत का काम कानून बनाना नहीं, बल्कि उसकी संवैधानिकता की जांच करना है। लेकिन उन्होंने यह भी पूछा कि धर्मांतरण धोखाधड़ी है या नहीं, यह तय करने का अधिकार किसके पास है? क्या राज्य तय करेगा? पुलिस? या भीड़? यह प्रश्न इसलिए भी अहम…