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प्रस्ताव और Snapback प्रक्रिया ईरान पर यूएन प्रतिबंध 2025: तेज़, आग्नेय और आरोपों से भरी खबर — पर हर जगह जहाँ अनुमान है वहां हमने साफ़ लिखा है।27–28 सितंबर 2025 की रात को यूएन के उन छः प्रस्तावों (Resolutions) को पुनः बहाल कर दिया गया जो 2015 के जेसीपीओए के बाद हटाए गए थे — एक औपचारिक “snapback” प्रक्रिया के ज़रिये जिसे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी (E3) ने सक्रिय किया था। यह प्रक्रिया 27 सितंबर 2025 शाम 8:00 EDT से प्रभावी हो गई। इन प्रतिबंधों में तेल/पेट्रोकेमिकल्स पर पाबन्दियाँ, हथियारों का आयात-निर्यात प्रतिबंध, बैलिस्टिक मिसाइल संबंधी रोक और कुछ व्यक्तियों/एजेंसियों…

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करूर रैली और भगदड़ की कहानी तमिलनाडु के करूर में सुपरस्टार से नेता बने विजय की रैली अचानक त्रासदी में बदल गई। शनिवार शाम, विजय अपनी TVM पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे, और हजारों लोग उनका समर्थन करने आए थे। लेकिन अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। अफ़रा-तफ़री मच गई, लोग एक-दूसरे को कुचलने लगे, और हज़ारों सपनों के बीच मातम का शोर गूंज उठा। इस हादसे में 40 मासूमों की जान चली गई और 95 से ज़्यादा लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, जिनकी ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। विजय ने X पर…

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image source : shutterstock.com राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल 2025 बिल पारित होने की बड़ी खबर जयपुर से बड़ी ख़बर — राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल 2025. राजस्थान विधानसभा में पारित “अवैध धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2025” ने पूरे राज्य में तूफ़ान खड़ा कर दिया है। कई सामाजिक और नागरिक संगठनों ने इसे “दमनकारी, असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी” बताते हुए राज्यपाल से गुहार लगाई है कि वे इस पर हस्ताक्षर न करें। अपील है कि इसे अनुच्छेद 200 के तहत राष्ट्रपति के पास भेजा जाए। राष्ट्रपति की भूमिका और मुख्य सवाल असल सवाल यही है — क्या राष्ट्रपति इस राजस्थान एंटी कन्वर्ज़न बिल…

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#ILoveMuhammad Protest: मौलाना तौकीर रज़ा गिरफ़्तार, पुलिस की कार्रवाई पर विवाद उत्तर प्रदेश के बरेली और सहारनपुर में माहौल तनावपूर्ण आज उत्तर प्रदेश के बरेली और सहारनपुर – दोनों शहरों में माहौल तनावपूर्ण रहा। वजह थी – #iLoveMuhammad ﷺ आंदोलन। I Love Muhammad Protest के दौरान मौलाना तौकीर रज़ा का आह्वान और प्रदर्शन बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा खान के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो कर प्रशासन को ज्ञापन देने जा रहे थे।लेकिन यूपी पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और हालात बिगड़ गए। बरेली में लाठीचार्ज और गिरफ़्तारी बरेली में कई स्थानों पर लाठीचार्ज…

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गुजरात का शांत इलाका गांधीनगर ज़िला—जहां नवरात्रि की तैयारियों की रौनक होनी चाहिए थी, वहां बुधवार देर रात (24 सितंबर) पत्थरबाज़ी, आगज़नी और तनाव का मंजर छा गया। वजह? सिर्फ एक वॉट्सऐप स्टेटस—“I Love Muhammad” बनाम “I Love Mahadev”। देहगाम तालुका के बहियाल गांव की गलियों में देर रात 11 बजे से 200 से ज़्यादा लोग आमने-सामने आ गए। “स्टेटस वॉर” ने देखते ही देखते वास्तविक युद्ध का रूप ले लिया। दुकानों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया, पत्थरबाज़ी से पूरा गांव रणक्षेत्र में बदल गया। पुलिस ने 70 लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन तनाव…

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नई दिल्ली – अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आए पाँच साल बीत चुके हैं। राम मंदिर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है और 2024 में उसका उद्घाटन भी हो चुका। लेकिन अब, देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने न केवल पुराने घावों को कुरेदा है बल्कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यूज़लॉन्ड्री को दिए गए एक इंटरव्यू में चंद्रचूड़ ने कहा –“बाबरी मस्जिद का निर्माण ही एक मूलभूत अपवित्रीकरण (desecration) था।” यह कथन सीधे-सीधे 2019 के उसी सर्वसम्मत फैसले के विपरीत है, जिसका…

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सूरत के न्यू सिविल अस्पताल परिसर में 22 सितंबर को जो हुआ, उसने पूरे गुजरात की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि आसाराम बापू के अनुयायियों ने अस्पताल परिसर में उसकी तस्वीर रखकर पूजा और आरती की। न केवल फूल-माला चढ़ाई गई, बल्कि भजन और मंत्रोच्चार के बीच “आशीर्वाद” बांटने का तमाशा भी किया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह सब सिर्फ भक्तों ने ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में हुआ। प्रशासन का गोलमोल जवाब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अनुयायियों…

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image source : nayaindia.comदेश के कई हिस्सों से मिल रही रिपोर्ट्स और गवाह बयानों के बाद अब यह बात किसी अफ़वाह की तरह नहीं टाली जा सकती—मतदाता सूचियों में व्यवस्थित छेड़छाड़ और उसके बाद जाँच को रोकने की सूचनाएं एक डरावनी तस्वीर उकेर रही हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक की ये घटनाएँ अब केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रव्यापी खतरों की ओर इशारा करती हैं।🛑 शॉकिंग सबूत: तीन प्रमुख घटनाएँस्थानअनियमितता का स्वरूपप्रशासन/एजेंसी की प्रतिक्रियातुलजापुर (महाराष्ट्र)सार्वजनिक पठन में 6,000 से अधिक फर्जी ऑनलाइन आवेदन पकड़े गए।FIR दर्ज हुई, पर 40 संदिग्धों की पूछताछ तक नहीं हुई; मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।पनवेल-उरण…

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कल्पना कीजिए कि लोग शहर की सड़कों पर धीरे-धीरे चल रहे हैं, अपने दिल की भावनाओं को व्यक्त करते हुए। हाल ही में महाराष्ट्र के लातूर में ऐसा ही हुआ। यह शांतिपूर्ण मार्च लोगों का ध्यान खींच गया और धर्म, अधिकारों और कानून के असली मायने पर चर्चा छेड़ दी।कार्यक्रम की शुरुआत टीपू सुलतान चौक से हुई, जो इतिहास से भरा एक स्थल है। वहाँ से लोग गंज गोलाई और गांधी चौक होते हुए अंबेडकर पार्क पहुँचे, जहाँ खुले आसमान के नीचे वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। कोई गुस्से की आवाज़ नहीं, सिर्फ़ लगातार कदम उनके प्रिय उद्देश्य के…

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ख़ामोश एनआरसी या वोट चोरी की नई चाल? देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल; निर्वाचन आयोग ने देशभर के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को 30 सितंबर तक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सतही तौर पर यह कदम महज़ मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने की कवायद दिखता है, लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक और संवैधानिक सवाल कहीं ज़्यादा गहरे हैं। क्या वाक़ई सिर्फ़ मतदाता सूची की सफ़ाई? चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पहले बिहार में शुरू हुई और अब पूरे देश में लागू की जाएगी। लेकिन विपक्षी…

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