महाराष्ट्र सरकार ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक तीन महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई थीं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का लाभ पहुँचाना था।
यहाँ उन तीन योजनाओं का विवरण दिया गया है:
1. नमो नेत्र संजीवनी आरोग्य अभियान (Namo Netra Sanjeevani Arogya Abhiyan)
यह अभियान महाराष्ट्र में लाखों लोगों को मुफ्त आँखों के इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया था।
- उद्देश्य: 10 लाख से ज़्यादा लोगों की मुफ्त आँखों की जाँच, दवाइयाँ और ऑपरेशन करना।
- लाभार्थी: बुज़ुर्ग, किसान, मज़दूर, महिलाएँ सहित सभी ज़रूरत मंद।
- अवधि: यह अवसर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे महाराष्ट्र में उपलब्ध था।
- प्रक्रिया: लोगों को अपने नज़दीकी नेत्र शिविर में नाम दर्ज कराकर मुफ्त इलाज का लाभ उठाना था।
2. स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान (Swasth Nari, Sashakt Parivar Abhiyan)
यह एक विशेष स्वास्थ्य अभियान था जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित था, जिसमें 16 तरह की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ दी गईं।
अतिरिक्त लाभ: आयुष्मान कार्ड बनवाने की सुविधा भी जारी थी।
उद्देश्य: महिलाओं और बच्चों को व्यापक मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना।
अवधि: यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चला।
प्रमुख सेवाएँ (16 प्रकार):
रक्तचाप और शुगर की जाँच।
गर्भवती माताओं की जाँच।
स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जाँच।
बच्चों की जाँच और पोषण सलाह।
मुख कैंसर और टीबी जाँच।
योग सत्र और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श।
व्यसनमुक्ति सलाह।
किशोरियों व माताओं के लिए मासिक धर्म परामर्श।
टेलीमेडिसिन सुविधा, एक्स-रे और लैब टेस्ट।
मुफ्त औषधोपचार और नेत्र जाँच।
3. महसूल जनसंवाद पंचसूत्री (Mahasul Jansamvad Panchasutri)
यह एक प्रशासनिक पहल थी जिसका उद्देश्य नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को सीधे सरकारी विभागों तक पहुँचाना और उनका समाधान करना था।
- उद्देश्य: लोगों की हर समस्या—चाहे वह ज़मीन से जुड़ी हो, राशन से, सरकारी योजनाओं से, सड़क से या किसी और मुद्दे से—की सुनवाई करना और समाधान करना।
- शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:
- उपलब्ध QR कोड स्कैन करके गूगल फॉर्म में अपनी शिकायत दर्ज करनी थी।
- शिकायत दर्ज करने की अंतिम तारीख 21 सितंबर थी।
- समाधान प्रक्रिया: शिकायत दर्ज कराने के बाद, तय तारीख़ को नागरिकों को अपनी समस्या के हल के लिए तहसील दफ़्तर में उपस्थित होना ज़रूरी था।
इन योजनाओं का मुख्य संदेश यह था कि हर नागरिक को इन सरकारी पहलों का फायदा उठाना चाहिए, ताकि पैसों की कमी के कारण उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक सहायता से वंचित न रहना पड़े।