दोस्तों नरसिंहानंद जो अपने आपको महाराज कहलवाता है ये ढोंगी नफरती बाबा जो देश के मुसलमानों को गलियां देता है और उनके बहिष्कार की बात करता है, मुसलमानों की ख़ामोशी और सरकार की छूट के कारन अब उसने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, ‘मिसाइल मैन’, भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान इंसान को ‘जिहादी’ और कट्ठर मुस्लिम कहने की घटिया हरकत की है? एलान के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
उनपे झूठे और घटिया आरोप लगाए हैं जिसे सुन कर वहां मौजूद खाकी वर्दी पहने नालायक उसपे एफआईआर करने के बजाए उसके सामने हाथ जोड़ रहे हैं। एक तरफ वो इंसान जिसने अपना पूरा जीवन भारत की सुरक्षा, भारत के विज्ञान, भारत के युवा, भारत के विकास के लिए न्यौछावर कर दिया और दूसरी तरफ ये ढोंगी हरामखोर देशद्रोही, जिसकी औक़ात सिर्फ़ नफरत बेचने तक सीमित है! उस महान व्यक्ति पर उंगली उठा रहा है।
“एपीजे अब्दुल कलाम वो शख्स हैं जिसने भारत को अग्नि मिसाइल दी। जिसने पोखरण परमाणु परीक्षण को सफल बनाया। जिसे हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई हर धर्म के लोग अपना आदर्श मानते हैं। और आज एक ढोंगी हरामखोर देशद्रोही उन्हें ‘जिहादी’ कहने की हिम्मत कर रहा है? ये सिर्फ़ एक महान व्यक्ति का अपमान नहीं ये भारत के विज्ञान, भारत की सेना, भारत के राष्ट्रीय गौरव का अपमान है। और सबसे बड़ा सवाल — ऐसे जहर फैलाने वाले बयान पर सरकार चुप क्यों है?
गृह मंत्रालय खामोश क्यों है?
क्या कानून सिर्फ़ कमजोरों विपक्ष के लिए है या ‘भेष बदलकर नफरत फैलाने वाले बाबाओं’ के लिए भी लागू होगा? एक संत का चोला पहनकर अगर कोई देश के पूर्व राष्ट्रपति को ‘जिहादी’ कहे तो ये भाषा नहीं अपराध है। इस पर तुरंत एफआईआर होनी चाहिए। इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जहाँ एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान लोग ज़मीन पर रहते हुए आसमान छूकर दिखाते हैं…वहीं ये नकली बाबा ज़मीन खोदकर नफरत निकालते हैं।
लेकिन याद रखो- भारत वैज्ञानिकों का है, नफरत बेचने वालों का नहीं!” “Kalam साहब ने कहा था- ‘नफ़रत कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसके साथ आप पैदा होते हैं, यह सिखाई जाती है।’ धर्म का चोला पहने ये निधर्मी यही कर रहे हैं, जिन्हें लगाम लगाना बहुत ज़रूरी है। एपीजे अब्दुल कलाम जैसे लोग देश का गौरव हैं… और उनके खिलाफ आवाज उठाना देश के खिलाफ आवाज उठाना है। देशद्रोह है। इस बाबा पर तुरंत कार्रवाई हो। ऐसे नफरती प्रवचनों पर रोक लगे। और सरकार अपनी खामोशी तोड़े” इस देशद्रोह पर करवाई हो।
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