जी हां शिक्षणाचे माहेरघर यानी शिक्षण की जननी कहलाने वाले महाराष्ट्र के इस शहर लातूर में
पिछले एक हफ्ते के भीतर अलग – अलग तीन घटनाओं में 4 मुसलमानों की जिसमे एक महिला और
एक मासूम बच्चा भी शामिल है की हत्याएं हुई हैं। जिसकी वजह से शहर के मुसलमानों में भय और
असुरक्षा का वातावरण निर्माण हुआ है।
पहली घटना 29 सितम्बर को घटी जिसमें मोटरसाइकिल चला रहे सादिक शेख की पत्नी इकरा और
बेटी नादिया की मौत हो गई। यह एक नफरती हिंसा का मामला था। कथित तौर पर, एक कार में
सवार पांच लोगों ने मोटरसाइकिल पर जा रहे परिवार को कुचल दिया। पुलिस ने शुरू में मामले को
सामान्य घटना के रूप में बताने की कोशिश की। कथित तौर पर गाड़ी चलाने को लेकर हुए विवाद के
बाद इन लोगों ने परिवार का पांच किलोमीटर तक पीछा किया। मोटरसाइकिल चला रहे सादिक शेख
और उनके छह साल के बेटे को चोटें आईं। शेख की पत्नी इकरा और बेटी नादिया की मौत हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार उनका पीछा कर रहे लोगों ने मुस्लिम विरोधी गालियां दीं, जिसमें यह भी कहा गया
कि “मुसलमानों को सबक सिखाने की जरूरत है।”
शेख ने बताया कि कार में सवार लोग कथित तौर पर नशे में थे। विवाद के बाद भी अपनी यात्रा जारी
रखते हुए इन लोगों ने उनका और उनके परिवार का पीछा किया और आखिरकार लातूर और औसा
शहर के बीच बुधडा गांव के पास उन्हें टक्कर मार दी।
परिवार के वकील अल्ताफ काजी ने दावा किया कि इकरा ने बुर्का पहना हुआ था, इसलिए उन पर
इस्लामोफोबिक गालियां दी गईं। कथित तौर पर एक आरोपी का वीडियो सामने आया है जिसमें वह
स्वीकार करता है कि उन्होंने जानबूझकर अपनी कार को मोटरसाइकिल से टकराया।
काजी ने अखबार को बताया, “वीडियो से पता चलता है कि हत्या करने की मंशा थी, लेकिन पुलिस ने
शुरू में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने पर विचार किया। काफी दबाव के बाद, वे हत्या का
आरोप लगाने के लिए राजी हुए।”
आरोपी दिगंबर पंडोले, कृष्ण वाघ, बसवराज धोत्रे, मनोज माने और मनोज मुदामे को हत्या के आरोप
में गिरफ्तार किया गया। हालाँकि, एफआईआर में कथित धार्मिक गालियों का कोई उल्लेख नहीं है।
जब लातूर के पुलिस अधीक्षक सोमय मुंढे से पूछा गया कि क्या इस घटना को घृणित अपराध माना
जाएगा, तो उन्होंने कहा, “इस समय, यह रोड रेज का मामला लगता है।” एफआईआर के अनुसार, 29
सितंबर को रात करीब 8 बजे औसा के पास शेख जिस मोटरसाइकिल पर सवार थे, उसके सामने कार
अचानक आ गई। औसा, लातूर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने
पांचों आरोपियों को पकड़ लिया।
दूसरी घटना लातूर के सेंट्रल बस स्टॅंड के सामने 8 अक्तूबर 2024 को रात में करीब 10:30 बजे घटी
जिसमे दो मुस्लिम नौजवानों को तीन हिन्दू गुंडों ने मोटरसाइकिल से कट मारने के विवाद में धारदार
हथियार से मारा है जिसमें से एक की तो उसी वक़्त मुर्त्यु हो गयी और दूसरे की हालत गंभीर है ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता दिखाई और कुछ ही घंटों के भीतर इन हत्यरों को
अलग-अलग जगहों से हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम- 1) राजपाल उर्फ राजू विट्ठलराव गायकवाड, उम्र 33 साल, निवासी
विक्रम नगर, लातूर। 2) अजय सोमनाथ घोडके, उम्र 27 वर्ष, ओल्ड लेबर कॉलोनी, लातूर । 3) प्रवीण
बाबूराव कांबले, उम्र 40 वर्ष, सावित्रीबाई फुले नगर नांदेड़ वर्तमान में एलआईसी कॉलोनी लातूर
हैं।उक्त घटना में वादी द्वारा दी गयी तहरीर पर मु.अ.सं. 652/2024 धारा 103(1), 109, 115,
351(2), 351(3) 3(5) बी. एन. एस. इस प्रकार मामला दर्ज किया गया।
अभी इन दोनों हादसों से लातूर के मुसलमान निकले भी नहीं थे कि कल यानी 9 अक्तूबर की रात 8
बजे एक और मुस्लिम युवक पैगम्बर हाजी मलंग सय्यद रा. बाबालगांव (जो स्थानिक विधायक अमित
देशमुख का गांव है) का गला काट कर हत्या कर दी गयी, जिसकी खून में लत-पत लाश शहर के बीचो
बीच गोलाई के लोखंड गल्ली में पड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है लेकिन
ये हत्या किसने और किस वजह से की इसका शोध अभी लगना बाकी है।
इन घटनाओं को लेकर जहाँ सोशल मिडिया पे कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं वहीं स्थानिक
विधायक पर भी सवालों की बौछार हो रही है।
अमित देशमुख की तस्वीर लागा कर पुछा जा रहा है कि “क्या फोटोधारी ‘युवराज’ कुछ नहीं बोलेंगे?”
“लातूर बन रहा है बिहार, उत्तर प्रदेश!”
“क्या पुलिस का डर सिर्फ ‘मुसलमानों’ पर है?”
“स्थानीय नेता युवराज विधायक माननीय अमितजी देशमुख केवल फोटो सेशन के लिए शहर आते हैं,
पिकनिक मनाते हैं और चले जाते हैं। आप जानते हैं, बहरा, गूंगा, अंधा समाज चुनाव में अपने ‘गूंगे’
वापस ले लेता है, आप कितने भी मार्च, आंदोलन कर लें, आपका कुछ नहीं बिगड़ेगा, क्योंकि आपके
पास सुरक्षा कवच नहीं है। लेकिन असल इन घटनाओं का ज़िम्मेदार कौन है? इसकी असल ज़िम्मेदार
भाजपा की राजनीती है जिसने हिन्दुत्ववादियों द्वारा आम हिन्दुओं के दिलों में नफरत का ज़हर घोल
दिया है।