Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

April 16, 2026

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

April 16, 2026

स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?

April 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
  • मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?
  • निशाने पर पत्रकार: डिजिटल सेंसरशिप, सत्ता और सवालों से डरती व्यवस्था
  • रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Friday, April 17
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»एलान विशेष

क्या ईरान पर हमले के बाद बदल गया पश्चिम एशिया का खेल?

adminBy adminMarch 23, 2026 एलान विशेष No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब सिर्फ़ सीमित टकराव नहीं रही — यह एक ऐसे भू-राजनीतिक विस्फोट में बदलती दिख रही है जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा 28 फरवरी से ईरान पर शुरू किए गए सैन्य हमलों को अब दस दिन हो चुके हैं। लगातार बमबारी, जवाबी मिसाइल हमले और क्षेत्रीय तनाव के बीच अब इस संघर्ष ने एक नया और बेहद नाटकीय मोड़ ले लिया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत और उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई का सत्ता में आना। यह सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि उस पूरे शक्ति-संतुलन का बदलना है जो पिछले तीन दशकों से पश्चिम एशिया को नियंत्रित कर रहा था। एलान के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

सत्ता परिवर्तन या “परिवार में सत्ता हस्तांतरण” ?

ईरान की इस्लामिक व्यवस्था में सुप्रीम लीडर का पद सबसे शक्तिशाली होता है, सेना, न्यायपालिका, मीडिया और विदेश नीति सब उसी के नियंत्रण में रहते हैं। लेकिन मोजतबा ख़ामेनेई का सुप्रीम लीडर बनना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला। सार्वजनिक जीवन में लगभग अदृश्य रहे। उनके बारे में बहुत कम तस्वीरें और बयान उपलब्ध हैं। फिर भी वर्षों से यह कहा जाता रहा कि ईरान की सत्ता के अंदरूनी नेटवर्क- खासकर रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC)—पर उनका गहरा प्रभाव है।

यही वजह है कि कई विश्लेषक इसे ईरान में “धार्मिक गणराज्य से पारिवारिक सत्ता” की ओर झुकाव भी बता रहे हैं।

2. युद्ध का असली लक्ष्य क्या था?

अमेरिका और इज़रायल के हमलों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला था या इसके पीछे बड़ा रणनीतिक लक्ष्य था। कई विशेषज्ञों के मुताबिक तीन संभावित लक्ष्य हो सकते हैं:

1. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना।

2. क्षेत्र में ईरान के प्रभाव को कमजोर करना।

3. सत्ता व्यवस्था को अस्थिर करना।

अगर तीसरा लक्ष्य था, तो सवाल उठता है कि क्या सत्ता वास्तव में कमजोर हुई या और अधिक कठोर हो गई? इतिहास बताता है कि बाहरी हमला अक्सर ईरान में राष्ट्रवादी एकता को और मजबूत कर देता है।

3. युद्ध अब सिर्फ ईरान-इज़रायल तक सीमित नहीं

इस संघर्ष का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह धीरे-धीरे पूरे पश्चिम एशिया को अपने दायरे में ले रहा है।लेबनान में हिजबुल्लाह और इज़रायल की झड़पें। खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की आशंका। बहरीन, कतर, कुवैत और UAE में तनाव। लेबनान में अब तक 5 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर हिजबुल्लाह, हौथी और इराकी मिलिशिया पूरी तरह युद्ध में उतरते हैं तो यह “क्षेत्रीय युद्ध” बन सकता है।

 दुनिया की अर्थव्यवस्था खतरे में

इस युद्ध का असर सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं है। ब्रेंट क्रूड लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल। WTI करीब 106 डॉलर प्रति बैरल। यानी साढ़े तीन साल बाद पहली बार तेल 100 डॉलर के पार। अगर यह स्थिति बनी रहती है तो इसके परिणाम हो सकते हैं: दुनिया भर में महंगाई बढ़ना। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल। कई देशों में आर्थिक संकट। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह गंभीर आर्थिक झटका बन सकता है।

5. अंतरराष्ट्रीय कानून पर नई बहस

फ्रांस के पूर्व प्रधानमंत्री डोमिनिक द विलपां ने संयुक्त राष्ट्र से एक नई व्यवस्था की मांग की है: जो देश युद्ध से विनाश करते हैं, उन्हें ही पुनर्निर्माण का खर्च उठाना चाहिए। अगर ऐसा नियम बनता है तो यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक क्रांतिकारी बदलाव हो सकता है, क्योंकि अब तक शक्तिशाली देश युद्ध छेड़ते हैं लेकिन उसके आर्थिक परिणाम दूसरों को भुगतने पड़ते हैं।

6. क्या यह “तीसरे विश्व युद्ध की प्रस्तावना” है?

आज दुनिया के सामने तीन संभावित रास्ते हैं: सीमित युद्ध – कुछ हफ्तों में कूटनीतिक समाधान। क्षेत्रीय युद्ध – पूरे मध्य पूर्व में फैलाव। महाशक्तियों की सीधी टक्कर यानी रूस, चीन और अमेरिका की खुली भागीदारी। अगर तीसरा विकल्प सच हुआ तो यह संघर्ष दुनिया की राजनीति को पूरी तरह बदल सकता है। ईरान पर हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं रहा। यह अब नेतृत्व परिवर्तन, क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष, ऊर्जा संकट और वैश्विक राजनीति के नए दौर की शुरुआत बनता दिख रहा है। और ऐसे समय में राहत इंदौरी का मशहूर शेर फिर याद आता है

“लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में, यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है।”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ

सिनेमा पर पहरा: ‘संवेदनशीलता’ के नाम पर सच से डरती सत्ता

अक्सर बलात्कारी ‘हिंदू राष्ट्र’और हिंदुत्व की विचारधारा वाले ही क्यों ?

जमानत पर बाहर आए जुनैद–नासिर के हत्यारे मोनू मानेसर का ढोल-नगाड़ों से स्वागत

“क्या भारत को तेल खरीदने के लिए भी अब ‘इजाज़त’ लेनी पड़ेगी?”

“लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में…”

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility