Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

क्या हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों की जांच होगी ?

April 20, 2026

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

April 16, 2026

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

April 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • क्या हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों की जांच होगी ?
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
  • मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?
  • निशाने पर पत्रकार: डिजिटल सेंसरशिप, सत्ता और सवालों से डरती व्यवस्था
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Monday, April 20
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»एलान विशेष

क्या हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों की जांच होगी ?

adminBy adminApril 20, 2026Updated:April 20, 2026 एलान विशेष No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने जिस तरह मुख्यमंत्री की पत्नी पर कई पासपोर्ट, विदेशी संपत्तियों और भारी-भरकम निवेश के आरोप लगाए हैं, वह केवल एक व्यक्ति या परिवार का मामला नहीं रह जाता बल्कि यह सीधे-सीधे राजनीतिक पारदर्शिता, चुनावी नैतिकता और संस्थागत विश्वसनीयता से जुड़ जाता है। एलान के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

आरोप कितने गंभीर हैं?

कांग्रेस ने जो आरोप लगाए हैं, वे साधारण राजनीतिक बयानबाज़ी से कहीं आगे जाते हैं: कई देशों के पासपोर्ट रखने का दावा। अमेरिका के टैक्स-हेवन वायोमिंग में करोड़ों डॉलर का निवेश। दुबई में संपत्तियां और कथित शेल कंपनियां। चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने का आरोप। अगर इनमें से कोई भी आरोप सही साबित होता है, तो यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि कानूनी और आपराधिक मामला बन सकता है।

लेकिन सच्चाई क्या है?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि: इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। खुद हिमंता बिस्वा शर्मा और उनकी पत्नी ने इन्हें “झूठा, गढ़ा हुआ और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया है। उन्होंने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। यानी मामला अभी सच्चाई बनाम आरोप के बीच खड़ा है और इसका फैसला अदालत या जांच एजेंसियां (अगर दबाव में न हो) तो ही कर सकती हैं, न कि राजनीतिक मंच।

कानून क्या कहता है?

सुप्रीम कोर्ट के 2018 और 2022 के फैसले साफ करते हैं कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपनी, अपने जीवनसाथी और आश्रितों की संपत्ति का पूरा खुलासा करना अनिवार्य है। गलत जानकारी देना या छिपाना “भ्रष्ट आचरण” माना जा सकता है। इस लिहाज से, अगर आरोपों में दम है, तो यह मामला बेहद गंभीर हो जाता है। लेकिन अगर आरोप झूठे साबित होते हैं, तो यह राजनीतिक बदनामी और दुष्प्रचार का उदाहरण होगा।

लोकतंत्र की असली परीक्षा

यह मामला केवल असम की राजनीति तक सीमित नहीं है। यह पूरे लोकतंत्र के लिए एक टेस्ट केस है: क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या सच्चाई सामने आएगी, चाहे वह किसी के भी खिलाफ हो? क्या चुनावी राजनीति तथ्यों पर आधारित रहेगी या आरोपों के शोर में दब जाएगी? अंततः, लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत “सत्य” की होती है, लेकिन शर्त यह है कि उसे सामने आने का पूरा मौका दिया जाए।

Read Next :

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ

सिनेमा पर पहरा: ‘संवेदनशीलता’ के नाम पर सच से डरती सत्ता

अक्सर बलात्कारी ‘हिंदू राष्ट्र’और हिंदुत्व की विचारधारा वाले ही क्यों ?

जमानत पर बाहर आए जुनैद–नासिर के हत्यारे मोनू मानेसर का ढोल-नगाड़ों से स्वागत

क्या ईरान पर हमले के बाद बदल गया पश्चिम एशिया का खेल?

“क्या भारत को तेल खरीदने के लिए भी अब ‘इजाज़त’ लेनी पड़ेगी?”

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • क्या हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों की जांच होगी ?
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility