Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

April 16, 2026

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

April 16, 2026

स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?

April 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
  • मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?
  • निशाने पर पत्रकार: डिजिटल सेंसरशिप, सत्ता और सवालों से डरती व्यवस्था
  • रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Friday, April 17
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»विशेष

“लाड़की बहिन” योजना का लाभ भाजपा के 12 हज़ार “लाडक्या भाऊ ”को

adminBy adminNovember 1, 2025 विशेष No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

image source : navbharattimes.indiatimes.com

“लाड़की बहिन” योजना का लाभ भाजपा के 12 हज़ार “लाडक्या भाऊ ”को .महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई “मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना” का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण देना था, जिसके तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता मिलनी थी।

लेकिन अब सामने आई रिपोर्टें बताती हैं कि यह योजना सरकारी तंत्र की लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण का एक बड़ा उदाहरण बन गई है।


👨‍👩‍👧‍👦 जब ‘बहनों’ की कतार में ‘भाई’ भी शामिल हो गए

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत न सिर्फ़ अपात्र महिलाएँ, बल्कि हज़ारों पुरुष भी लाभार्थी बन गए।

अपात्र लाभार्थी समूहसंख्याअनुचित भुगतान की राशि
पुरुष (लाडके भाऊ)12,431₹24.24 करोड़
अपात्र महिलाएँ77,980₹140.28 करोड़
सरकारी कर्मचारी2,400(राशि लंबित)
कुल अपात्र भुगतान≈ 92,811≈ ₹164.52 करोड़
  • भुगतान की अवधि: इन अपात्र लाभार्थियों को पूरे 13 महीनों तक हर महीने ₹1,500 रुपये दिए गए।
  • सबसे बड़ा सवाल: सरकारी डेटाबेस, जो आधार और बैंक खातों से लिंक है, उसमें इतनी भारी गड़बड़ी कैसे हुई?

कहावत बनती दिख रही है: “लाड़की बहिन के लिए बनी योजना का असली लाभ उठा रहे हैं भाजपा के लाड़के भाई!”


🏢 2,400 सरकारी कर्मचारियों ने भी उठाया अनुचित लाभ

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, 2,400 सरकारी कर्मचारी—जो स्वयं इस योजना को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार थे—खुद भी इसके “लाभार्थी” बन गए।

  • मानसिकता: यह स्थिति “मेरा फर्ज़, मेरा फायदा” वाली मानसिकता का उदाहरण है।
  • कर्तव्य में चूक: ये वही लोग हैं जिन्हें आम नागरिकों के डेटा की जांच करनी थी, लेकिन उन्होंने अपने नाम जोड़कर “माझी बहिन” बनने की पात्रता स्वयं घोषित कर दी।

🚨 राज्य की चुप्पी और कार्रवाई का अभाव

सबसे बड़ा घोटाला यह नहीं है कि गड़बड़ी हुई—बल्कि यह है कि अब तक किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

  • सवालिया निशान: सरकार के पास डेटा, नाम और खाते सब हैं, लेकिन वसूली या अनुशासनात्मक कार्रवाई की फाइलें “विचाराधीन” हैं।
  • संदेह: यह चुप्पी संदेह पैदा करती है कि क्या यह सिर्फ़ लापरवाही थी, या जानबूझकर किया गया राजनीतिक खेल?
  • चुनावी निहितार्थ: चुनावी साल में करोड़ों रुपये की इस योजना ने लाखों वोटरों तक “मुफ्त की मदद” पहुंचाई—फिर चाहे वे बहन हों या भाई।

📣 ‘बहिन’ से ‘भाऊ’ तक: नीतिगत विफलता

“माझी लड़की बहिन” का नारा महिलाओं के सम्मान का प्रतीक होना चाहिए था, लेकिन आज यह नारा एक राजनीतिक व्यंग्य बन चुका है।

  • गंभीरता: यह केवल तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि नीतिगत विफलता है।
  • प्रचार की प्राथमिकता: यह बताता है कि सरकारी कल्याण योजनाएं किस तरह राजनीतिक लोकप्रियता का औज़ार बन चुकी हैं, जहाँ पारदर्शिता से ज़्यादा ज़रूरी है—प्रचार।

💡 भविष्य के लिए सबक

यह मामला सिर्फ “भाईयों” के गलत भुगतान का नहीं है—यह पूरे शासन तंत्र की अक्षमता और नैतिक गिरावट का आईना है।

अगर ऐसी योजनाओं का लाभ असली ज़रूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाना है, तो निम्नलिखित कदम ज़रूरी हैं:

  • सख़्त डेटा सत्यापन: हर लाभार्थी का सख़्त डेटा सत्यापन।
  • दोहरी जांच: आधार लिंकिंग और बैंक खातों की दोहरी और स्वचालित ऑडिटिंग।
  • कठोर कार्रवाई: अनुचित लाभ लेने वालों (विशेषकर सरकारी कर्मचारियों) पर त्वरित और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई।

वरना, आगे भी बहिनों के हक का पैसा “भाइयों” के खातों में पहुंचता रहेगा—और हर नई योजना, हर चुनाव से पहले एक नया “माझा फायदा मिशन” बन जाएगी। महाराष्ट्र की यह योजना अब “भ्रष्टाचार की बहिन योजना” बन गई है।

india अनुचित लाभ मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना लाड़की बहिन
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

भगवा पहनकर सत्ता स्वीकार्य है, तो हिजाब पहनकर अस्वीकार्य क्यों?

पहले सज़ा फिर ज़मानत ?

संघ की ‘एकता’ बनाम ज़मीनी सियासत की सच्चाई

‘भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है’: भागवत का बयान लोकतंत्र के लिए चेतावनी है

भाजपा राज में पीड़ित महिलाओं को इन्साफ मिलना नामुमकिन?

बांग्लादेशी हिन्दू की हत्या पर निंदा लेकिन भारत में मुसलमानों के हत्याओं पर चुप्पी?

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility