Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

विदेश में ‘एकता’ का संदेश, देश में नफ़रत की राजनीति पर खामोशी

September 5, 2026

आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?

August 28, 2026

वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी

August 28, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • विदेश में ‘एकता’ का संदेश, देश में नफ़रत की राजनीति पर खामोशी
  • आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?
  • वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी
  • 10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?
  • मोहन भागवत का विदेश दौरा और आरएसएस पर अंतरराष्ट्रीय सवाल
  • तीन आदिवासी बच्चियों की मौत और ‘विकास’ का दावा: जब बिस्तर तक न मिले तो कैसा विकास?
  • विदेशी चंदे के नाम पर नियंत्रण या नागरिक संस्थाओं पर नई शिकंजाकशी?
  • क्या पैगंबर मुहम्मद (स.) केवल मुसलमानों के हैं?
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Sunday, September 6
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»लातुर

लातूर महानगरपालिका चुनाव: सीधी लड़ाई, बिखरा जनादेश और ‘किंगमेकर’ की तलाश

adminBy adminJanuary 12, 2026 लातुर No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
image credit:india tv
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

लातूर महानगरपालिका के मौजूदा चुनाव सिर्फ़ नगर निकाय की सत्ता का सवाल नहीं हैं, बल्कि यह चुनाव महाराष्ट्र
की बदलती राजनीति, गठबंधनों की मजबूरी और क्षेत्रीय दलों की वास्तविक ताक़त का भी आईना बन चुके हैं। 18
वार्डों की कुल 70 सीटों पर हो रहा यह मुकाबला संख्याओं के खेल से कहीं ज़्यादा, सियासी संतुलन की परीक्षा है।
संख्या-गणित: ताक़त और फैलाव:- भारतीय जनता पार्टी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार
उतारकर यह साफ़ संकेत दिया है कि वह लातूर में किसी समझौते की राजनीति के मूड में नहीं है। उसके बरक्स
कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ तालमेल कर 65+5 का फ़ॉर्मूला अपनाया है—यानी लड़ाई में उतरते हुए भी
बैकअप तैयार रखा गया है।


अजित पवार की एनसीपी ने 60 सीटों पर उम्मीदवार देकर अपनी सांगठनिक मौजूदगी जताई है, जबकि शरद पवार
की एनसीपी केवल 17 उम्मीदवारों तक सिमटकर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या यह पार्टी नगर स्तर पर अपनी
पुरानी पकड़ बचा पाएगी। शिंदे गुट की शिवसेना (11), उद्धव ठाकरे की शिवसेना (9) और AIMIM (9) सीमित संख्या
में सही, लेकिन निर्णायक भूमिका की क्षमता के साथ मैदान में हैं।
कुल मिलाकर 246 पार्टी-समर्थित उम्मीदवार और 300 से ज़्यादा अपक्ष—यह आंकड़ा बताता है कि लातूर में
सियासत केवल पार्टी चिन्हों तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय समीकरणों, जातिगत-सामाजिक प्रभाव और
व्यक्तिगत पकड़ पर भी टिकी है।


त्रिकोणीय से चौरंगी लड़ाई:

वोटों का बंटवारा:- कई वार्डों में त्रिकोणीय तो कुछ में चौरंगी मुकाबला दिखाई दे रहा है।
इसका सीधा अर्थ है—वोटों का विभाजन। ऐसे में जीत का अंतर बेहद कम रह सकता है और सीटें प्रतिशत से नहीं,
बल्कि रणनीति से तय होंगी। हालांकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि मुख्य टक्कर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही केंद्रित
है। बाकी दल या तो नुकसान-फ़ायदे का संतुलन बिगाड़ेंगे या सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखने की कोशिश करेंगे।


पूर्ण बहुमत नहीं तो क्या?

अगर कांग्रेस या बीजेपी में से किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलता—और मौजूदा
समीकरण यही संकेत दे रहे हैं—तो असली खेल नतीजों के बाद शुरू होगा। यहीं से ‘किंगमेकर’ की भूमिका सामने
आएगी। अजित पवार की एनसीपी: 60 सीटों पर लड़ा जाना इसे सबसे बड़ा संभावित किंगमेकर बनाता है। सत्ता के
साथ जाने का इतिहास और व्यावहारिक राजनीति इसे निर्णायक बना सकती है।
शिंदे गुट की शिवसेना: बीजेपी के लिए स्वाभाविक सहयोगी है लेकिन सीमित संख्या के बावजूद सत्ता संतुलन में
अहम।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT): वैचारिक रूप से कांग्रेस के क़रीब, पर संख्या कम, फिर भी गठबंधन में नैतिक
वजन रखती है।
AIMIM: शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में प्रभाव, खास वार्डों में निर्णायक।
अपक्ष उम्मीदवार: सबसे अनिश्चित लेकिन सबसे अहम फैक्टर। यही वह समूह है जो नतीजों के बाद सत्ता का रुख
तय कर सकता है।
चुनाव नहीं, शक्ति-संतुलन का इम्तिहान:- लातूर महानगरपालिका चुनाव किसी एक पार्टी की जीत-हार तक सीमित
नहीं हैं। यह चुनाव बताएगा कि क्या बहुमत की राजनीति अभी भी संभव है या महाराष्ट्र अब स्थायी रूप से खंडित
जनादेश के दौर में प्रवेश कर चुका है। अगर सत्ता किसी गठबंधन के सहारे बनती है, तो यह साफ़ होगा कि असली
ताक़त सीटों से ज़्यादा, सौदेबाज़ी और रणनीति में है। नतीजे जो भी हों, एक बात तय है—लातूर का यह चुनाव आने
वाले समय में नगर राजनीति की दिशा ही नहीं, बल्कि राज्य की सियासत के मिज़ाज को भी परिभाषित करेगा।

Also Read: भगवा पहनकर सत्ता स्वीकार्य है, तो हिजाब पहनकर अस्वीकार्य क्यों?

Also Read: वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला लोकतंत्र नहीं, खुली गुंडागर्दी है!

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

तीन आदिवासी बच्चियों की मौत और ‘विकास’ का दावा: जब बिस्तर तक न मिले तो कैसा विकास?

वक्फ की ज़मीन पर कब्ज़ा अब आसान नहीं! लातूर में भूमाफियाओं को वक्फ बोर्ड की खुली चेतावनी

कम से कम मिलावटखोरों से लड़ने वाले ईमानदार अफसरों का तो साथ दीजिए! तुकाराम मुंढे अकेले कब तक लड़ेंगे?

लातूर में कानून का खौफ खत्म? एक और युवक की हत्या ने उठाए बड़े सवाल

लातूर का “ट्यूशन एरिया” बंद करना शिक्षा पर हमला या सरकार की नाकामी?

‘आम्ही लातूरकर नसतो कुठेच मागे’ इस कहावत को सच कर दिखाया मोटेगांवकर ने

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • विदेश में ‘एकता’ का संदेश, देश में नफ़रत की राजनीति पर खामोशी
  • आरएसएस पर अमेरिका में बवाल: आखिर नफ़रत और जातिवाद की राजनीति से देश कब आज़ाद होगा?
  • वक्फ बोर्ड में बढ़ती धांधलियां… वक्फ की असली मंशा पर निजी हित भारी
  • 10 हज़ार ‘गो मित्र’ और चुनावी राजनीति- रोजगार का मॉडल या आस्था के सहारे नई सियासत?
  • मोहन भागवत का विदेश दौरा और आरएसएस पर अंतरराष्ट्रीय सवाल
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Full Video On Youtube And Facebook Check Out Like Comment And Share Video.#elaannews #breakingnews #Latur #laturcity #laturnews
“जेल में मुझ पर ज़हर का प्रयोग हुआ।” - संजय राऊत - “जेल में मुझ पर ज़हर का प्रयोग हुआ।” - संजय राऊत - सांसद, शिवसेना (UBT)#elaannews #breakingnews #maharashta #sanjayraut #bjp
नकली साँप दिखाते हुए गुणरत्न सदावर्ते ने मराठा आंद नकली साँप दिखाते हुए गुणरत्न सदावर्ते ने मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पर निशाना साधा। इस दौरान ‘डोला रे डोला’ कहते हुए सदावर्ते ने जरांगे को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।#elaannews #breakingnews #maharashta #marathaaarkshan #manojjarangepatil
संतोष पंडित जैसे बेहद क्रूर, हिंसक और नरभक्षी अंडर संतोष पंडित जैसे बेहद क्रूर, हिंसक और नरभक्षी अंडरवर्ल्ड डॉन को तत्काल गिरफ्तार करने के लिए कर्तव्यनिष्ठ गृहमंत्री फडणवीस और उनके बेहद कर्तव्यनिष्ठ व चपल पुलिस अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन। छोटे-मोटे ड्रग्स माफिया, बलात्कारियों और कोयता गैंग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है..!- सुषमा अंधारे - प्रवक्ता, शिवसेना (UBT)#elaannews #breakingnews #maharashta #devendrafadanvis #santoshpandit
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility