Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

क़ुरबानी से ‘मॉब लिंचिंग’ तक  राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन गई गाय 

May 27, 2026

हिंदू युवा वाहिनी के बलात्कारी का फूल-मालाओं, नारों और जुलूस के साथ स्वागत

May 27, 2026

क्या अब अदालतें संविधान से ज़्यादा “आस्था” से चलेंगी?

May 24, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • क़ुरबानी से ‘मॉब लिंचिंग’ तक  राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन गई गाय 
  • हिंदू युवा वाहिनी के बलात्कारी का फूल-मालाओं, नारों और जुलूस के साथ स्वागत
  • क्या अब अदालतें संविधान से ज़्यादा “आस्था” से चलेंगी?
  • नमाज़ पर बोलने वाली ज़बान कांवड़ यात्राओं, हथियारों के जुलूसों और डीजे के आतंक पर क्यों खामोश रहती है ?
  • आज हम किस चौराहे पर खड़े हैं?
  • ‘आम्ही लातूरकर नसतो कुठेच मागे’ इस कहावत को सच कर दिखाया मोटेगांवकर ने
  • नॉर्वे में पीएम मोदी से पूछा गया एक सवाल ऐतिहासिक क्यों बन गया?
  • न कोई गवाह, न कोई सबूत क्या तकनीकी और फॉरेंसिक जांच से तौसीफ़ रज़ा के क़ातिलों को ढूंढ पाएगी पुलिस ?
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Wednesday, May 27
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»एलान विशेष

अक्सर बलात्कारी ‘हिंदू राष्ट्र’और हिंदुत्व की विचारधारा वाले ही क्यों ?

adminBy adminMarch 28, 2026 एलान विशेष No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात का मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है बल्कि यह उस गहरे संकट की ओर इशारा करता है, जहां आस्था, सत्ता और अंधविश्वास का गठजोड़ समाज के कमजोर वर्गों के शोषण का माध्यम बन जाता है। एक ओर एक महिला के साथ तीन साल तक कथित बलात्कार, दूसरी ओर 58 आपत्तिजनक वीडियो ये आरोप किसी एक व्यक्ति की विकृत मानसिकता का मामला भर नहीं हैं। एलान के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

यह उस संरचना का हिस्सा है, जिसमें ‘धर्म’ के नाम पर विश्वास अर्जित कर, उसे ही शोषण के हथियार में बदल दिया जाता है। लेकिन इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है इसका राजनीतिक आयाम। विपक्ष का यह सवाल बिल्कुल वाजिब है कि जब आरोपी के साथ कई नेताओं और मंत्रियों की तस्वीरें सामने आ रही हैं, तो क्या केवल आरोपी की गिरफ्तारी पर्याप्त है?

क्या उन राजनीतिक संबंधों की भी निष्पक्ष जांच नहीं होनी चाहिए, जिनकी आड़ में ऐसे लोग फलते-फूलते हैं? रूपाली चाकणकर का इस्तीफा इस बात का संकेत जरूर है कि दबाव बना है, लेकिन क्या यह पर्याप्त जवाबदेही है? या फिर यह सिर्फ़ एक ‘डैमेज कंट्रोल’ का प्रयास है? सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर ऐसे ‘धर्मगुरु’ बार-बार कैसे खड़े हो जाते हैं? और उससे भी बड़ा सवाल कि उन्हें संरक्षण कौन देता है?

यहां एक संवेदनशील लेकिन जरूरी बात समझनी होगी। ऐसे मामलों को किसी एक धर्म या समुदाय से जोड़कर देखना न तो सही है और न ही न्यायसंगत लेकिन यह भी उतना ही सच है कि जब कोई व्यक्ति ‘धर्म’, ‘संस्कार’ या ‘राष्ट्रवाद’ के नाम पर खुद को स्थापित करता है, और फिर उसी आड़ में अपराध करता है तो उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

समस्या यह नहीं है कि आरोपी किस धर्म से जुड़ा है बल्कि समस्या यह है कि क्या हम ‘धर्म’ के नाम पर खड़े किए गए ऐसे ढांचों की जांच करने के लिए तैयार हैं या नहीं। अगर कोई खुद को धर्म का ठेकेदार बताकर समाज में प्रभाव बना लेता है, राजनीतिक मंचों पर जगह पा लेता है, और फिर उसी प्रभाव का इस्तेमाल शोषण के लिए करता है तो यह केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं रह जाता, यह संस्थागत विफलता बन जाता है।

‘हिंदू राष्ट्र’ जैसे बड़े राजनीतिक और वैचारिक मुद्दों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर समाज में जवाबदेही और कानून का समान रूप से पालन नहीं होगा, तो किसी भी तरह के ‘आदर्श राष्ट्र’ की कल्पना खोखली साबित होगी। क्या किसी भी राष्ट्र चाहे वह किसी भी विचारधारा पर आधारित हो में ऐसे लोगों के लिए जगह होनी चाहिए जो आस्था के नाम पर अपराध करें? क्या ऐसे मामलों में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई ही असली ‘धर्म’ नहीं है? असल चुनौती यही है कि धर्म की आड़ में छिपे अपराधियों को पहचानना,और सत्ता के साथ उनके रिश्तों की पारदर्शी जांच करना।

क्योंकि अगर राजनीति और आस्था का गठजोड़ जवाबदेही से मुक्त हो गया, तो उसका सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता खासतौर पर महिलाएं उठाती रहेंगी। इसलिए यह मामला सिर्फ़ अशोक खरात का नहीं है बल्कि यह उस सिस्टम की परीक्षा है, जो यह तय करेगा कि कानून सबके लिए बराबर है या नहीं। अब आता है वह सवाल, जो समाज के एक बड़े हिस्से के मन में है कि आखिर ऐसे घिनौने मामलों में बार-बार वही चेहरे, वही किस्म के ‘धर्म के ठेकेदार’ क्यों सामने आते हैं?

यह सवाल उठना स्वाभाविक है, लेकिन इसका जवाब भावनाओं में नहीं, तथ्यों और समझ में तलाशना होगा। आखिर ऐसे अपराध किसी एक विचारधारा, पार्टी या धर्म तक ही सीमित क्यों हैं ?  याद रहे कि हमेशा एक ही समुदायों और संस्थाओं से जुड़े लोग ऐसे अपराधों में पकड़े गए हैं। मगर समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब कोई व्यक्ति ‘धर्म’, ‘संस्कार’ या ‘राष्ट्रवाद’ की आड़ लेकर समाज में नैतिकता का चेहरा बनता है और फिर उसी आड़ में अपराध करता है।

तब उसका अपराध सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि उस पूरे नैरेटिव पर सवाल खड़े करता है, जिसे वह प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। यही वजह है कि जब कोई स्वयंभू धर्मगुरु सत्ता के करीब दिखता है, नेताओं के साथ तस्वीरों में नजर आता है, और फिर ऐसे गंभीर आरोपों में घिरता है तो लोगों के मन में संदेह और गुस्सा पैदा होना लाजमी है।

लेकिन क्या इससे यह निष्कर्ष निकाल लेना सही होगा कि किसी एक राजनीतिक दल, संगठन या पूरे धर्म के लोग ही ऐसे अपराध करते हैं? असल सवाल ‘कौन’ नहीं, बल्कि ‘कैसे’ है, कैसे ऐसे लोग बिना किसी ठोस जांच के ‘गुरु’ बन जाते हैं? कैसे उन्हें राजनीतिक और सामाजिक संरक्षण मिलता है? और क्यों व्यवस्था समय रहते उन्हें रोक नहीं पाती?

अक्सर ऐसे घिनौने आरोपों में मुलव्विस लोग ‘हिंदू राष्ट्र’और आरएसएस की विचारधारा वाले ही होते हैं। क्या ऐसे लोग किसी भी समाज का भविष्य तय कर सकते हैं? बिल्कुल नहीं।

अगर ऐसा होता है, तो वह समाज न्यायपूर्ण नहीं, बल्कि भय और अन्याय पर आधारित बन जाता है। इसलिए यह बहस किसी धर्म या समुदाय को कटघरे में खड़ा करने की नहीं होनी चाहिए, बल्कि उस सिस्टम को मजबूत करने की होनी चाहिए, जो हर ‘धर्मगुरु’ से सवाल पूछ सके, हर सत्ता से जवाब मांग सके और हर पीड़ित को न्याय दिला सके।

अंततः, यह मामला सिर्फ़ अशोक खरात का नहीं है बल्कि यह उस सोच की परीक्षा है, जिसमें हम तय करेंगे कि हम अंधभक्ति के साथ खड़े हैं या न्याय के साथ।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

क़ुरबानी से ‘मॉब लिंचिंग’ तक  राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन गई गाय 

क्या बंगाल चुनाव लोकतंत्र के खात्मे की आख़िरी चेतावनी है?

भारत की शिक्षा पर भगवा साया: अब समाजशास्त्र नहीं, “मोदीशास्त्र” पढ़ाया जाएगा!

परतवाड़ा कांड के बहाने रची थी नवनीत ने दंगे भड़काने की साज़िश ?

TCS नासिक घटना से ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ तक-नफरत की फैक्ट्री का खेल बेनकाब!

क्या हिमंता बिस्वा शर्मा पर लगे गंभीर आरोपों की जांच होगी ?

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • क़ुरबानी से ‘मॉब लिंचिंग’ तक  राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन गई गाय 
  • हिंदू युवा वाहिनी के बलात्कारी का फूल-मालाओं, नारों और जुलूस के साथ स्वागत
  • क्या अब अदालतें संविधान से ज़्यादा “आस्था” से चलेंगी?
  • नमाज़ पर बोलने वाली ज़बान कांवड़ यात्राओं, हथियारों के जुलूसों और डीजे के आतंक पर क्यों खामोश रहती है ?
  • आज हम किस चौराहे पर खड़े हैं?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility