Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

April 16, 2026

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

April 16, 2026

स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?

April 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
  • मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?
  • निशाने पर पत्रकार: डिजिटल सेंसरशिप, सत्ता और सवालों से डरती व्यवस्था
  • रामनवमी, उत्सव से टकराव तक: बदलता सामाजिक माहौल और राजनीतिक संदर्भ
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Monday, April 20
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»भारत

अस्पताल में बलात्कारी बाबा की तस्वीर पर आरती: सूरत सिविल अस्पताल का ‘आशीर्वाद कांड’

Surat Civil Hospital me Asaram Bapu ki Puja | Doctors ki Bheed Expose
adminBy adminSeptember 26, 2025 भारत No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
image credit (some part): newsbytesapp.com
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

सूरत के न्यू सिविल अस्पताल परिसर में 22 सितंबर को जो हुआ, उसने पूरे गुजरात की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरोप है कि आसाराम बापू के अनुयायियों ने अस्पताल परिसर में उसकी तस्वीर रखकर पूजा और आरती की। न केवल फूल-माला चढ़ाई गई, बल्कि भजन और मंत्रोच्चार के बीच “आशीर्वाद” बांटने का तमाशा भी किया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह सब सिर्फ भक्तों ने ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में हुआ।

प्रशासन का गोलमोल जवाब

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अनुयायियों को केवल मरीजों को फल बांटने की अनुमति दी गई थी। तस्वीर लगाने और पूजा-आरती की इजाज़त नहीं थी। रेज़िडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. केतन नाइक का बयान इस मामले में प्रशासन की लापरवाही उजागर करता है: “यह गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। अनुमति सिर्फ फल बांटने की थी। पूजा की कोई इजाज़त नहीं थी।” लेकिन सवाल यह है कि जब गेट पर तस्वीर रखकर भजन गाए जा रहे थे, आरती उतारी जा रही थी, तो अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?

डॉक्टर और अधिकारी भी शामिल!

रिपोर्ट्स के अनुसार, शिशु रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर जिगिषा पटाडिया समेत कुछ अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी इस पूजा-अर्चना में शामिल थे। यानी यह केवल अनुयायियों की हरकत नहीं, बल्कि अस्पताल स्टाफ की मौन सहमति और सक्रिय भागीदारी भी सामने आई।

अधीक्षक की पल्ला झाड़ नीति

जब विवाद उभरा, तो अधीक्षक डॉ. धारित्री परमार ने साफ कहा कि उन्हें कुछ पता ही नहीं। छुट्टी पर होने और शहर से बाहर होने का बहाना दिया। लेकिन आलोचना के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि मामले के तूल पकड़ने पर प्रशासन ने एक क्लास-वन अधिकारी और गेट पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड को हटा दिया है।

सबसे बड़ा सवाल: बलात्कारी बाबा का महिमामंडन क्यों?:- आसाराम कोई साधारण विवादित संत नहीं, बल्कि अदालत से दो-दो मामलों में उम्रकैद की सजा पा चुका दोषी बलात्कारी है। गांधीनगर की अदालत ने सूरत की एक महिला अनुयायी का यौन शोषण करने पर उसे सज़ा सुनाई थी। राजस्थान की जोधपुर अदालत ने 2013 में नाबालिग के साथ बलात्कार का दोषी करार देकर उम्रकैद दी थी। फिर भी अस्पताल जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थान पर उसकी तस्वीर लगाना और पूजा करना, पीड़िताओं के दर्द पर चोट नहीं तो और क्या है?

विशेषज्ञों की राय

कानूनी जानकारों का कहना है कि यह कृत्य सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि आपराधिक अवमानना के दायरे में आ सकता है, क्योंकि यह एक सजा पाए अपराधी का महिमामंडन है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का सवाल है: जब बलात्कार पीड़िताएं न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं, तो राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एक अपराधी को ‘भगवान’ की तरह क्यों पेश कर रहा है? क्या अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्य भूलकर अंधभक्ति का शिकार हो चुके हैं?

भक्ति बनाम ‘न्याय

यह मामला केवल अस्पताल की अनुशासनहीनता का नहीं है, बल्कि उस गहरी सामाजिक बीमारी का भी संकेत है, जहां धर्म और अंधभक्ति के नाम पर बलात्कारी भी देवता बना दिया जाता है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भारत में “गुरु संस्कृति” कितनी गहरी जड़ें जमाए हुए है, और न्यायालय की सजा भी अंधभक्ति के सामने बौनी पड़ जाती है।

नतीजा क्या निकलेगा?

प्रशासन ने फिलहाल एक गार्ड और अधिकारी को हटाने की कार्रवाई कर दी है। लेकिन क्या यह काफ़ी है? या फिर यह मामला भी “कुछ दिनों में दब जाएगा”, और अस्पताल परिसर में फिर किसी और बाबा की तस्वीर लगाकर पूजा हो जाएगी? सूरत सिविल अस्पताल की यह घटना सिर्फ़ एक विवाद नहीं, बल्कि चेतावनी है —अगर अस्पताल जैसे संस्थान भी बलात्कारियों का मंच बन जाएं, तो समाज पीड़िताओं को न्याय दिलाने की लड़ाई कैसे जीतेगा? यह “आशीर्वाद कांड” सिर्फ़ एक अस्पताल का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नैतिकता और संवेदनशीलता की परीक्षा है।

"Asaram Bapu Hospital Aarti" "Asaram Bapu Latest News" "Asaram Bapu Puja Controversy" "Asaram Convict Worship" "Doctors Involved Asaram Puja" "Surat Civil Hospital Doctors "Surat Hospital Scandal" "Surat News 2025" Surat Civil Hospital News"
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल

स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?

सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग

सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?

मौ. अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी के गिरफ़्तारी का राज़ ?

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • 193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?
  • सीमा सुरक्षा या खतरनाक प्रयोग? ‘सांप-मगरमच्छ’ प्रस्ताव पर गंभीर सवाल
  • स्कूल में पढ़ाई या अंधविश्वास?
  • सीबीएसई पाठ्यक्रम पर फिर भड़की सियासी जंग
  • सथानकुलम से सुप्रीम कोर्ट तक- क्या हिरासत में मौतों पर सचमुच लगेगी लगाम?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility