Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?

July 26, 2026

गुजरात में “कट्टरतावाद विरोधी पथक”की स्थापना…

July 26, 2026

मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं- सुप्रीम कोर्ट

July 26, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?
  • गुजरात में “कट्टरतावाद विरोधी पथक”की स्थापना…
  • मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं- सुप्रीम कोर्ट
  • बिना नेम प्लेट और नंबर वाले ये लोग कौन हैं? पुलिस की वर्दी में छिपे चेहरों का सच सामने आना चाहिए
  • सवाल एक अनशन का नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का है
  • ग़ैरों पे करम-अपनों पे सितम? पाकिस्तान को नसीहत देने से पहले भारत को भी आईना देखने की ज़रूरत
  • जब जज का नाम इंसाफ़ से बड़ा बना दिया जाए, तो समझ लीजिए संविधान कठघरे में खड़ा है
  • मतदाता सूची या लोकतंत्र की सूची? चुनाव आयोग पर उठते सवालों का जवाब अब जरूरी है
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Tuesday, July 28
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»एलान विशेष

एनसीईआरटी का विभाजन मॉड्यूल: इतिहास की किताबों में ज़हर घोलने की साज़िश?”

adminBy adminSeptember 3, 2025 एलान विशेष No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
"NCERT controversy 2025, Vibhajan Vibhishika module dispute, Indian History Congress statement, communalization of textbooks"
"Indian History Congress ne NCERT ke naye ‘Vibhajan Vibhishika’ module ko communal aur history ka vikrit roop bataya hai. Kya school ki kitaabein bachchon ke dimaag me nafrat ka beej bo rahi hain?"
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

भारत के स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन की त्रासदी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने एनसीईआरटी द्वारा जारी किए गए ‘विभाजन विभीषिका’ मॉड्यूल को खुले तौर पर सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने वाला दस्तावेज़ करार दिया है। यह सिर्फ एक शैक्षिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के दिमाग में नफ़रत का बीज बोने का राजनीतिक हथकंडा है। इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साज़िश

इस मॉड्यूल में: कांग्रेस और मोहम्मद अली जिन्ना को विभाजन का गुनहगार बताया गया।

अंग्रेजों को “भारत को एकजुट रखने की कोशिश करने वाला” करार दिया गया।

हिंदू महासभा और सावरकर की टू नेशन थ्योरी जैसी हकीकतों को पूरी तरह दबा दिया गया।

1942 का क्रिप्स मिशन और 1946 का कैबिनेट मिशन प्लान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। यानी, वास्तविक दोषियों को बचाने और सांप्रदायिक ताकतों को क्लीन चिट देने का खेल खेला जा रहा है।

सच्चाई क्या है? विभाजन का असली सूत्रधार अंग्रेज थे, जिन्होंने 1857 की क्रांति के बाद ही “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई। पृथक निर्वाचन व्यवस्था, धार्मिक संगठनों को बढ़ावा और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना इसी रणनीति का हिस्सा था।

1937 में सावरकर ने सबसे पहले टू नेशन थ्योरी दी, लेकिन पाठ्यपुस्तकों में केवल जिन्ना का नाम लिया जाता है।

कांग्रेस और गांधी ने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए बलिदान दिया। गांधी ने आखिरी उपवास मुसलमानों पर हो रहे हमले रोकने के लिए रखा और इसी सांप्रदायिक नफरत ने उनकी हत्या करवाई।

खतरनाक चाल – मुसलमानों को खलनायक बनाना:- इस मॉड्यूल में विभाजन के दौरान सिर्फ हिंदुओं और सिखों पर हुए अत्याचार का जिक्र है। लेकिन मुसलमानों पर हुए अत्याचार, हत्याएं और विस्थापन का ज़िक्र तक नहीं। यानी, बच्चों को आधा-अधूरा सच पढ़ाकर पूरे समुदाय को अपराधी ठहराने की कोशिश। यह सिर्फ इतिहास का विकृतिकरण नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जहरीला बनाने की सोची-समझी साज़िश है।

एनसीईआरटी का यह नया मॉड्यूल कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और वैचारिक हथियार है। इसके ज़रिए आने वाली पीढ़ियों के दिमाग में यह बैठाने की कोशिश की जा रही है कि विभाजन के असली दोषी मुसलमान और कांग्रेस थे, जबकि अंग्रेज निर्दोष थे। यह इतिहास नहीं, ज़हर है – और ज़रूरी है कि समाज, इतिहासकार और शिक्षाविद इस ज़हर को बच्चों की किताबों तक पहुँचने से रोकें। अब सवाल ये है – क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को नफरत का इतिहास पढ़ने देंगे या सच्चाई और एकता का इतिहास?

ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी बीजेपी ने कक्षा 7 की ‘Our Pasts-II’ पुस्तक से मुगल शासकों (हुमायूँ, शाहजहाँ, अकबर, औरोंगज़ेब) की उपलब्धियों की दो-पृष्ठीय तालिका हटा दी गई है। कक्षा 8 में औरोंगज़ेब का उल्लेख नहीं है, और कक्षा 12 की ‘Kings and Chronicles’ अध्याय ही हटाया गया है।

कई जगहों से मुगल, खालजी, mamluk सल्तनतों का विवरण हटाया गया, और नव अध्यायों से ध्यान भारी-भरकम हिंदू-प्राचीन अवधारणाओं पर लगाया गया।

2. महात्मा गांधी और उनकी हत्या का बदलाव:- कक्षा 12 की Political Science किताब से निम्न पाठ हटाए गए:“गांधी का हिंदू-मुस्लिम एकता की अपील और कट्टरपंथियों की प्रतिक्रिया”। “उनकी हत्या के बाद तत्काल RSS पर प्रतिबंध” जैसी जानकारी।

3. गुजरात दंगों और बाबरी मस्जिद जैसे संवेदनशील विषयों का हटाया जाना “Anti-Muslim riots in Gujarat” शीर्षक को केवल “Gujarat riots” में बदला गया।

Babri Masjid का उल्लेख सीधे “three-domed structure” में बदल दिया गया; रथ यात्रा, क़रसेवकों की भूमिका और राष्ट्रपति शासन जैसे विषय कट गए।

4. अन्य महत्वपूर्ण कटौती और बदलाव:- कांस्तिक विवाद, सामाजिक साहित्य, आर्थिक बदलाव से जुड़े अध्याय (जैसे कृषि-उदारीकरण, दलित/आदिवासी साहित्य) हटाए गए। पाठ्यपुस्तकों में Mughal rulers को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना, जैसे बाबर को क्रूर, अकबर को असहिष्णु, और औरोंगज़ेब को धार्मिक कट्टर बनाकर दिखाना, जो विद्वानों ने एक-तरफ़ा और साम्प्रदायिक बताया।

5. मैप विवाद – जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाना:- कक्षा 8 की Social Science किताब में जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाने पर इतिहासकारों और राजपरिवार ने विरोध किया। NCERT ने एक विशेषज्ञ पैनल गठित किया है जिससे इस विषय को फिर से जांचा जाए।

अगर बीजेपी सरकार सिर्फ आरएसएस और हिंदुत्व को शर्मिंदा करने वाली सच्चाई को  मिटाती तो समझा जा सकता था लेकिन उसे मिटा कर झूठा, मनगढ़त, मुसलमानों को बदनाम करने वाला और नफरत फ़ैलाने वाला इतिहास लिख रही है। उसके बावजूद देश के इतिहासकार, बुद्धिजीवी, विपक्ष और मुस्लिम संगठनाएं खामोश तमाशा देख रही हैं। अब तक किसी ने इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की न ही किसी ने अदालत में इसे चुनौती दी।

Hindutva History Rewrite Indian History Congress Statement NCERT Books Political Changes NCERT Textbook Controversy Vibhajan Vibhishika Module News
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?

बिना नेम प्लेट और नंबर वाले ये लोग कौन हैं? पुलिस की वर्दी में छिपे चेहरों का सच सामने आना चाहिए

ग़ैरों पे करम-अपनों पे सितम? पाकिस्तान को नसीहत देने से पहले भारत को भी आईना देखने की ज़रूरत

अगर मुसलमान राम मंदिर पर सवाल नहीं पूछ सकते, तो संघ को मुस्लिम पर्सनल लॉ में नाक घुसेड़ने का अधिकार किसने दिया?

क्या अब भी खामोश रहेंगे मुस्लिम रहनुमा? आखिर कब जागेंगे?

पेपर लीक सरकार की नाकामी थी, लेकिन सज़ा छात्रों को दी गई

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • अगर अदालतों के पास भी नागरिकों की चींख सुनने का समय नहीं, तो मजलूम आखिर जाएं कहां?
  • गुजरात में “कट्टरतावाद विरोधी पथक”की स्थापना…
  • मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं- सुप्रीम कोर्ट
  • बिना नेम प्लेट और नंबर वाले ये लोग कौन हैं? पुलिस की वर्दी में छिपे चेहरों का सच सामने आना चाहिए
  • सवाल एक अनशन का नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का है
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility