उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गुरुवार को हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों ने एक स्थानीय
सूफी दरगाह में घुसकर मजार में तोड़फोड़ की और वहां शिवलिंग स्थापित किया, जिससे
समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। इस घटना के बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इस घटना से लोगों में भारी नाराजगी है। मामले के बाद पुलिस ने इसमें शामिल लोगों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सियासत की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक पुजारी
के नेतृत्व में सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लिए हुए हैं। वे भगवा गमछा पहने और “जय श्री राम”
के नारे लगाते हुए दरगाह की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह शिवलिंग और
भगवा झंडे स्थापित कर दिए, जिसके चलते मुस्लिम समुदाय इकट्ठा हो गया। पुलिस ने मौके
पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
किया।
इस तरह का हमला क्षेत्र में धार्मिक तनाव के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है। सांप्रदायिक टकराव
का एक और मामला 14 सितंबर को मेरठ में सामने आया था, जहां हनुमान की मूर्ति स्थानीय
मजार पर स्थापित की गई थी, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। इसके बाद, स्थानीय
अधिकारियों ने कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए।
आउटलूक की रिपोर्ट के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मनोज अवस्थी ने बताया कि
थाना सिधौली अंतर्गत सहोरा गांव में एक मंदिर के पास दो मजार हैं। उन्होंने कहा कि
मजारों पर एक समुदाय के लोगों ने झालर लगाकर सजावट की थी, जिसे पुलिस ने सूचना
मिलने पर मंगलवार को हटा दिया था।
अवस्थी ने कहा कि पुलिस जांच कर रही थी कि झालर किसने लगाई, लेकिन इसी बीच
अराजक तत्वों ने एक मजार के ऊपरी हिस्से को तोड़ दिया। इसके बाद मजार पर शिवलिंग
स्थापित कर दिया गया, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक वहां दोनों
समुदायों की काफी भीड़ जमा हो गई थी।
अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने मजार पर स्थापित किए गए शिवलिंग को हटा दिया है और
गांव में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल के अलावा ‘क्यूआरटी’ तथा पीएसी को
तैनात किया गया है। पुलिस ने रियाजुद्दीन नामक व्यक्ति की शिकायत पर मंदिर के पुजारी
नेवाराम समेत अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने
मजार को पूर्व स्थिति में ठीक करवा दिया है और फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है।