नई दिल्ली: यूपीए के अमरोहा जिले के एक स्कूल के सात वर्षीय छात्र को गुरुवार को टिफिन
में कथित तौर पर मांसाहारी भोजन- बिरयानी लाने पर स्कूल से निकाल दिया गया. टाइम्स
ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र की मां और स्कूल के प्रिंसिपल के बीच तीखी बहस
वाला एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है. लगभग 4.30 मिनट की
क्लिप में प्रिंसिपल अवनीश कुमार शर्मा को कथित तौर पर कक्षा 3 के छात्र की मुस्लिम
पृष्ठभूमि के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है. इस बहस में प्रिंसिपल
ने स्कूल में नॉन-वेज खाना लाने वाले छात्रों को पढ़ाने से इनकार करने की बात भी
दोहराई. उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे ‘ऐसे बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे जो बड़े
होकर मंदिर तोड़ेंगे.’ इसके बाद उन्होंने ‘ऐसे खाने से दूसरों का धर्म बदलने’ का आरोप भी
लगाया. वीडियो में प्रिंसिपल से ‘मौखिक दुर्व्यवहार’ और ‘बच्चे को एक कमरे में बंद करने’ के
लिए बहस करते हुए छात्र की मां को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसका बच्चा ‘इस
तरह की भाषा नहीं जानता और वह भोला है.’ वे टिफिन में नॉनवेज देने की बात से भी
इनकार करती हैं.उन्होंने आगे कहा कि उनके बेटे ने घर लौटने के बाद बताया कि कैसे उसके
साथ दुर्व्यवहार किया गया और खाने के लिए उसे सजा दी गई. वीडियो में दिखता है कि
बहस के आखिर में प्रिंसिपल ने अंततः धमकी दी कि ‘अगर वह परिसर से बाहर नहीं गईं
तो’ वह सिक्योरिटी को बुलाएंगे. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना हिल्टन
कॉन्वेंट स्कूल की है. परिवार ने छात्र को बंधक बनाने का भी आरोप लगाया है.हालांकि,
प्रिसिंपल अवनीश कुमार शर्मा ने कहा कि सारा मामला सीसीटीवी कैमरों में कैद है. बच्चे को
बंधक नहीं बनाया गया, बल्कि शिक्षिका के साथ दूसरे कमरे में बैठाया गया था.लोगों के
आक्रोश के बाद अमरोहा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने कहा कि बेसिक शिक्षा
अधिकारी(बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया
है. कुमार ने कहा, ‘आरोपों की गहन जांच के लिए एक समिति गठित की गई है. जांच के
आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.’ अमरोहा बीएसए मोनिका ने कहा कि मामले से जुड़े
सभी तथ्यों का खुलासा करने के लिए तीन सदस्यीय समिति काम कर रही है. उन्होंने कहा,
‘जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.’ इस बीच, अमरोहा मुस्लिम कमेटी ने
लड़के के निष्कासन की निंदा की और गुरुवार को एक आपातकालीन बैठक की. कमेटी ने
केंद्रीय शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा, जिसमें प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
मांग की गई. कमेटी के अध्यक्ष खुर्शीद अनवर ने संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
की.