Close Menu
Elaan NewsElaan News
  • Elaan Calender App
  • एलान के बारे में
  • विदेश
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • एलान विशेष
  • लेख / विचार
Letest

महाराष्ट्र में फल ले जारहे ट्रक पर ‘गौरक्षकों’ का हमला, ड्राइवर की हालत गंभीर

May 1, 2026

पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर आंसू, भारत के अल्पसंख्यकों पर खामोशी? विहिप के दोहरे चेहरे का सच!

May 1, 2026

भारत को ‘नरक’ किसने बनाया? ट्रंप की जुबान से निकला सच या नफरत की राजनीति का काला आईना!

April 30, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • महाराष्ट्र में फल ले जारहे ट्रक पर ‘गौरक्षकों’ का हमला, ड्राइवर की हालत गंभीर
  • पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर आंसू, भारत के अल्पसंख्यकों पर खामोशी? विहिप के दोहरे चेहरे का सच!
  • भारत को ‘नरक’ किसने बनाया? ट्रंप की जुबान से निकला सच या नफरत की राजनीति का काला आईना!
  • चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा हमला या लोकतंत्र की सबसे बड़ी पुकार?
  • परतवाड़ा कांड के बहाने रची थी नवनीत ने दंगे भड़काने की साज़िश ?
  •  धर्मांतरण विरोधी क़ानून के दरुपयोग पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता
  • TCS नासिक घटना से ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ तक-नफरत की फैक्ट्री का खेल बेनकाब!
  • निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर फिर उठे सवाल
Facebook Instagram YouTube
Elaan NewsElaan News
Subscribe
Friday, May 1
  • Elaan के बारे में
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • Elaan विशेष
  • लेख विचार
  • ई-पेपर
  • कैलेंडर App
  • Video
  • हिन्दी
    • English
    • हिन्दी
    • اردو
Elaan NewsElaan News
Home»भारत

चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा हमला या लोकतंत्र की सबसे बड़ी पुकार?

adminBy adminApril 30, 2026 भारत No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

भारतीय लोकतंत्र में शायद ही कभी ऐसा क्षण आया हो, जब मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ विपक्ष को इतने गंभीर आरोपों के साथ संसद का दरवाजा खटखटाना पड़ा हो। राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए दिया गया नया नोटिस केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और संवैधानिक गरिमा पर उठे अभूतपूर्व सवालों का दस्तावेज है। एलान के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

आदर्श आचार संहिता के कथित पक्षपातपूर्ण पालन से लेकर, आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों के राजनीतिक इस्तेमाल, करोड़ों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के आरोप, न्यायपालिका की प्रतिकूल टिप्पणियां और नौकरशाहों के तबादलों में कथित हस्तक्षेप-ये आरोप मामूली नहीं हैं। यदि चुनाव कराने वाली संस्था पर ही पक्षपात का संदेह गहराने लगे, तो लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ भी डगमगाने लगता है।

यही कारण है कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का प्रश्न बन चुका है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर देश को यहां तक पहुंचाया किसने? जिस चुनाव आयोग को कभी उसकी स्वायत्तता और सख्ती के लिए जाना जाता था, आज उसी पर सत्ताधारी दल के प्रति झुकाव के आरोप लग रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित आचार संहिता उल्लंघन पर चुप्पी और विपक्षी नेताओं पर त्वरित कार्रवाई, संस्थागत निष्पक्षता पर गहरी चोट है। अगर चुनाव आयोग सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाता हुआ दिखाई देता है, तो यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संकट है। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होते हैं, लेकिन जब रेफरी पर ही पक्षपात के आरोप लगने लगें, तो मैच की वैधता ही कटघरे में खड़ी हो जाती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि संसद, न्यायपालिका और स्वयं चुनाव आयोग इन आरोपों का सामना कैसे करते हैं।

क्योंकि सवाल केवल एक अधिकारी के पद पर बने रहने का नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के उस भरोसे का है, जो हर चुनाव में ईवीएम का बटन दबाते समय लोकतंत्र पर जताते हैं। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें एवं कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान तरीके और समान आधारों पर ही पद से हटाया जा सकता है.

न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के अनुसार, संसद के किसी भी सदन में महाभियोग नोटिस दिए जाने पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जा सकता है. यदि नोटिस लोकसभा में दिया जाता है, तो उस पर कम से कम 100 सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं, और यदि राज्यसभा में दिया जाता है, तो उस पर कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं. इसके बाद अध्यक्ष या सभापति यह निर्णय ले सकते हैं कि प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए या अस्वीकार किया जाए.

Read Next :

परतवाड़ा कांड के बहाने रची थी नवनीत ने दंगे भड़काने की साज़िश ?

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
admin
  • Website

Keep Reading

पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर आंसू, भारत के अल्पसंख्यकों पर खामोशी? विहिप के दोहरे चेहरे का सच!

भारत को ‘नरक’ किसने बनाया? ट्रंप की जुबान से निकला सच या नफरत की राजनीति का काला आईना!

 धर्मांतरण विरोधी क़ानून के दरुपयोग पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता

निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर फिर उठे सवाल

क्या क्या राष्ट्र के नाम संबोधन बना राजनीतिक हथियार? के नाम संबोधन बना राजनीतिक हथियार?

193 सांसद, फिर भी खारिज -क्या संसद में जवाबदेही भी “वैकल्पिक” हो गई है?

Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Latest Post
  • महाराष्ट्र में फल ले जारहे ट्रक पर ‘गौरक्षकों’ का हमला, ड्राइवर की हालत गंभीर
  • पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर आंसू, भारत के अल्पसंख्यकों पर खामोशी? विहिप के दोहरे चेहरे का सच!
  • भारत को ‘नरक’ किसने बनाया? ट्रंप की जुबान से निकला सच या नफरत की राजनीति का काला आईना!
  • चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा हमला या लोकतंत्र की सबसे बड़ी पुकार?
  • परतवाड़ा कांड के बहाने रची थी नवनीत ने दंगे भड़काने की साज़िश ?
Categories
  • Uncategorized
  • एलान विशेष
  • धर्म
  • भारत
  • महाराष्ट्र
  • लातुर
  • लेख विचार
  • विदेश
  • विशेष
Instagram

elaannews

📺 | हमारी खबर आपका हौसला
⚡️
▶️ | NEWS & UPDATES
⚡️
📩 | elaannews1@gmail.com
⚡️

मैं अब ज़्यादा दिनों तक नहीं रहूँगा, क्योंकि  देवेंद्र फडणवीस ने मुझे खत्म करने की साज़िश रची है। लेकिन जब तक मेरे अंदर जान है, तब तक मैं सवाल पूछता ही रहूँगा। मैं किसान की औलाद हूँ, इस मिट्टी में क्रांति करके ही दम लूँगाl#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ravirajsabalepatil #kisan
बारामती के सरकारी अस्पताल को अजित पवार का नाम देने के विरोध में, निषेध करने के लिए ओबीसी नेता  लक्ष्मण हाके बारामती जाएंगे। #elaanews #breakingnews #ajitpawarnews #baramati #lakshmanhake
गिरीराज सिंह(बीजेप गिरीराज सिंह(बीजेपी सांसद) का बयान:"राहुल गांधी की ब्रेन मैपिंग होनी चाहिए। वह झूठ के ठेकेदार बन गए हैं।"— गिरीराज सिंह, बीजेपी सांसद, ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा। #elaanews #breakingnews #rahullgandhi #girirajsingh #bjppolitics
"समय आने पर लाडकी बह "समय आने पर लाडकी बहनों की सहायता राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे, बस कोर्ट मत जाइए!"#elaannews #breakingnews #devendrafadanvis #ladkibahinyojna #maharashra
Follow on Instagram
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • महाराष्ट्र
  • भारत
  • विदेश
  • एलान विशेष
  • लेख विचार
  • धर्म

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2024 Your Elaan News | Developed By Durranitech
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility