ट्रेन में बुज़ुर्ग मुस्लिम पर हमले के आरोपी दरिंदे ज़मानत पर रिहा, FIR में गंभीर धाराएं
जोड़ने की मांग का कोई असर नहीं
हाजी अशरफ़ मुनियार मामले में मारपीट और गाली-गलौज करने वाले तीनों आरोपियों को
पहले दिन ही कोर्ट से ज़मानत मिल गई। ठाणे जीआरपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, और
पीड़ित ने हत्या के प्रयास जैसी और भी कड़ी धाराएं जोड़ने की मांग की, लेकिन पुलिस ने
उन्हें शामिल नहीं किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीड़िता हाजी अशरफ के हवाले से पोस्ट करते हुए लिखा
गया, “हाजी अशरफ़ मुनियार मामले में मारपीट और गाली-गलौज करने वाले तीनों आरोपियों
को पहले दिन ही कोर्ट से ज़मानत मिल गई। जब ठाणे जीआरपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज
की, तो पीड़ित ने हत्या के प्रयास जैसी और भी कड़ी धाराएं जोड़ने की मांग की, लेकिन
पुलिस ने उन्हें नहीं जोड़ा। कोर्ट ने आरोपियों को 15,000 रुपये की ज़मानत पर रिहा कर
दिया। एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने जीआरपी से सवाल किया कि घृणा अपराध, भीड़
द्वारा हमला, डकैती, हत्या के प्रयास जैसी धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।”
महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में इगतपुरी के पास एक एक्सप्रेस ट्रेन में एक बुज़ुर्ग मुस्लिम व्यक्ति
पर कथित तौर पर गोमांस ले जाने के शक में हमला किया गया। रेलवे पुलिस (जीआरपी)
ने शनिवार को इस घटना की जानकारी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हो गया है।
पीड़ित की पहचान जलगांव ज़िले के हाजी अशरफ मुन्यार के रूप में हुई है, जो कल्याण में
अपनी बेटी के घर ट्रेन से जा रहे थे। इगतपुरी के पास ट्रेन के कुछ यात्रियों ने उन पर
कथित तौर पर हमला किया। वीडियो में ट्रेन के डिब्बे के अंदर क़रीब एक दर्जन लोग मुन्यार
को गाली देते और मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जीआरपी के एक अधिकारी के अनुसार, अधिकारियों ने वीडियो का संज्ञान लिया है और
पीड़ित तथा हमले में शामिल कुछ अपराधियों की पहचान कर ली है और जांच जारी है।”
इस घटना के संबंध में जीआरपी ने ठाणे स्टेशन पर मामला दर्ज कर लिया है। सोशल
मीडिया एक्स के जरिए जीआरपी ने इसकी जानकारी दी। पोस्ट करते हुए पुलिस ने लिखा,
“इगतपुरी के पास धुले एक्सप्रेस में कुछ यात्रियों द्वारा एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को निशाना बनाने के
वायरल वीडियो के संदर्भ में भारतीय न्याय संहिता के तहत ठाणे रेलवे स्टेशन पर तुरंत
मामला दर्ज किया गया है। बुज़ुर्ग व्यक्ति सुरक्षित हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे
कसी भी गलत सूचना को फैलाने से बचें।”
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद कहा कि बुजुर्ग भैंस का मांस ले
जा रहे थे, जिस पर प्रतिबंध नहीं है.
पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने कथित तौर पर बुजुर्ग पर अवैध रूप से गोमांस ले जाने
का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया. उन्होंने बुजुर्ग को लात-घूंसे मारे, उनके साथ
दुर्व्यवहार किया और मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जहां यह
वायरल हो गया.
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2) (अवैध रूप से एकत्र होना), 191(2)
(दंगा करना), 190 (सामान्य उद्देश्य के लिए अवैध रूप से एकत्र होना), 126(2) (गलत तरीके
से रोकना), 115(2) (चोट पहुंचाना), 324(4)(5) (नुकसान या क्षति पहुंचाने वाली शरारत),
351(2)(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान
करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
हेट डिटेक्टर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हाजी अशरफ़ मुनियार ने बताया कि जब
उनका गंतव्य कल्याण आया, तो उन्हें ट्रेन से उतरने नहीं दिया गया। उनके 2800 रुपये और
मोबाइल छीन लिए गए। भीड़ ने उन्हें जान से मारने के लिए चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की
कोशिश की। पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।”
संदेह है कि आरोपी युवक पुलिस भर्ती के लिए धुले से मुंबई-ठाणे आ रहे थे. अगर ये सच
है तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि ऐसे दरिंदे पुलिस डिपार्टमेंट में जाएंगे तो क्या गुल
खिलाएंगे ?