Author: parsh chavan

ईमान या अतिवाद? डॉक्टर, धर्म और आतंक का नया चेहरा 11 नवम्बर 2025 — लाल क़िले के पास हुए धमाके और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उजागर किए गए “आतंकी मॉड्यूल” ने एक बार फिर उस पुराने सवाल को ज़िंदा कर दिया है — आख़िर इंसान धर्म के नाम पर हिंसा करने तक कैसे पहुँच जाता है?शुरुवाती जांच से जो नाम सामने आए हैं अगर वाक़ई जब दो डॉक्टर — वो लोग जो ज़िंदगियाँ बचाने की क़सम खाते हैं — हथियारों और आईईडी बनाने की सामग्री के साथ पकड़े जाते हैं, तो सवाल केवल क़ानूनी नहीं रह जाता; यह नैतिक और धार्मिक…

Read More

image source :dnaindia.com क्या सुप्रीम कोर्ट लोकतंत्र की रक्षा में सफल हो पाएगा ? चुनाव आयोग की “विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) योजना पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप केवल एक कानूनी मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के सबसे बुनियादी सिद्धांत — मताधिकार के अधिकार — से जुड़ा मसला है।सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी उच्च न्यायालयों में चल रहे मामलों पर रोक लगाकर यह संकेत दिया है कि यह विवाद अब केवल एक राज्य या प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे देश के मतदाताओं पर पड़ सकता है। मतदाता सूची या ‘मिनी-एनआरसी’? याचिकाकर्ताओं की दलीलें एक…

Read More